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30-Oct-2026 03:34 PM
नई दिल्ली। विषुवतीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह पर तापमान में हो रही बढ़ोत्तरी के कारण अल नीनो मौसम चक्र की सघनता, तीव्रत एवं ताकत बढ़ती जा रही है जो भारत के लिए चिंता की बात है। मजबूत अल नीनो भारत में वर्षा के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के सीजन में देश के अंदर ग्रीष्मकालीन वर्षा कम हुई जिसके प्रभाव से खरीफ उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। अब उत्तर-पूर्व मानसून यानी शीतकाल की बारिश पर खतरा मंडरा रहा है।
यद्यपि वर्तमान समय में देश के विभिन्न भागों में अच्छी वर्षा हो रही है और कमोबेश नवम्बर के प्रथम सप्ताह तक इसका क्रम जारी रहने की संभावना है। लेकिन उसके बाद बारिश का अभाव महसूस हो सकता है।
इससे कुछ राज्यों में रबी फसलों की बिजाई एवं प्रगति प्रभावित होने की आशंका रहेगी। यदि हिन्द महासागर का डायपोल जल्दी से जल्दी घनात्मक हो गया तो भारत पर अल नीनो का प्रतिकूल प्रभाव काफी हद तक घट सकता है। इसके घनात्मक होने की उम्मीद बढ़ रही है।