उत्तरी एवं पूर्वी राज्यों में मानसून की सक्रियता बढ़ने के आसार

20-Aug-2026 07:14 PM

तिरुअनन्तपुरम। उत्तरी झारखंड के ऊपर मौजूद एक मौसम सिस्टम को डिप्रेशन से खतरा बना हुआ था मगर उसके कमजोर पड़ने से देश के उत्तरी पूर्वी एवं पूर्वोत्तर प्रांतों में मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ने की उम्मीद की जा रही है। उधर दक्षिण भारत में तमिलनाडु के तटीय एवं आंतरिक भाग में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। देश के अन्य भागों में मानसून की स्थिति कमजोर पड़ती जा रही है। 

उत्तरी झारखंड दक्षिण-पश्चिमी बिहार तथा दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक डिप्रेशन मजबूत स्थिति में मौजूद है जो एक सघन मानसून ट्रफ के निकट है। दोनों का आपस में विलय होने से बारिश की संभावना बन रही है। इसके फलस्वरूप हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों और उससे सटे पश्चिमोत्तर भारत के मैदानी इलाकों में वर्षा होने की उम्मीद है। पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में भी अच्छी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार यह डिप्रेशन कमजोर पड़कर एक व्यवस्थित कम दाब के क्षेत्र में बदल गया है। 

मौसम विभाग के मुताबिक यह कम दाब का क्षेत्र झारखंड में डाल्टेनगंज से करीब 30 कि०मी० दूर उत्तरी एवं उत्तरी-पश्चिमी भाग में स्थित है वाराणसी से इसकी दूरी 70 कि०मी० तथा छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से 140 कि०मी० की है। मध्य प्रदेश के 'सीधी' से यह 210 कि०मी० दूरी पर है।

पूर्वी भारत में मानसूनी वर्षा का कुछ अभाव रहा है जिससे वहां खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति में बाधा पड़ रही है। बंगाल, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ एवं उड़ीसा जैसे महत्वपूर्ण धान उत्पादक राज्यों में भारी वर्षा की सख्त आवश्यकता महसूस की जा रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी वर्षा की जरूरत है।