Home News

उत्पादन घटने की आशंका से मक्का का भाव तेज होने की उम्मीद

29-Sep-2026 07:04 PM

उत्पादन घटने की आशंका से मक्का का भाव तेज होने की उम्मीद

नई दिल्ली। बिजाई क्षेत्र में करीब 2 लाख हेक्टेयर की गिरावट आने तथा प्राकृतिक आपदाओं से कुछ इलाकों में फसल को नुकसान होने से चालू खरीफ सीजन के दौरान मक्का का घरेलू उत्पादन घटने की आशंका है। आगामी रबी सीजन में भी उत्पादन का परिदृश्य बेहतर रहने में  संदेह है। इसके अलावा एथनॉल निर्माण में मक्का का उपयोग बढ़ने के आसार हैं। उद्योग-व्यापार समीक्षकों के अनुसार आगामी समय में मक्का के दाम में अच्छी तेजी आ सकती है और यदि आपूर्ति के ऑफ सीजन में यह उछलकर 3000-3100 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर  पहुंच जाए तो कोई हैरानी की बात नहीं होगी। 

समीक्षकों के अनुसार 2026-27 सीजन के दौरान प्रतिकूल मौसम एवं प्रतिकूल आपदाओं के कारण भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी मक्का की पैदावार घटने की संभावना है। अल नीनो मौसम चक्र का प्रभाव मार्च 2027 तक बरकरार रह सकता है जिससे भारत में खरीफ के साथ-साथ रबी सीजन में भी मक्का का उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। 

एक विश्लेषक के अनुसार नया खरीफ मार्केटिंग सीजन आरंभ होने पर लगभग 30 लाख टन मक्का का बकाया स्टॉक उपलब्ध रहने की उम्मीद है जबकि उत्पादन में इससे ज्यादा गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना सहित कुछ अन्य राज्यों में सही समय पर भरपूर वर्षा नहीं होने से मक्का की फसल को काफी क्षति हो रही है। इसे देखते हुए कीमतों में नरमी आना मुश्किल लगता है। नए माल की जोरदार आपूर्ति होने पर कुछ समय के लिए मक्का बाजार में स्थिरता का माहौल बन सकता है। मगर आपूर्ति का दबाव घटने पर कीमतों में तेजी का दौर आरंभ हो सकता है। 

वर्तमान समय में मक्का का औसत मूल्य 2300-2400 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो नई फसल की कटाई-तैयारी जारी रहने तक बरकरार रह सकता है लेकिन बाद में बाजार तेज होने लगेगा। इस बार एथनॉल निर्यात में गन्ना अवयवों का उपयोग सीमित रखा जा सकता है जिससे मक्का का इस्तेमाल बढ़ने की संभावना है। अगस्त में मक्का का औसत मूल्य 2250 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा था। बाजार में तेजी आने पर सबकी राय एक जैसी है।