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29-Sep-2026 07:07 PM
नई दिल्ली। धान के क्षेत्रफल में करीब 4 प्रतिशत की गिरावट आने तथा कुल राज्यों में बारिश कम होने से इस वर्ष खरीफ सीजन में चावल का उत्पादन घटकर 1170- 1180 लाख टन पर सिमटने का अनुमान है जो पिछले साल के खरीफ उत्पादन लगभग 124.8 लाख टन से 5-7 प्रतिशत कम है।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान 25 सितम्बर 2026 तक धान का कुल उत्पादन क्षेत्र 430.93 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की समय अवधि के रकबा 447.25 लाख हेक्टेयर से 16.32 लाख हेक्टेयर या करीब 4 प्रतिशत कम है। इस बार धान का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 405.36 लाख हेक्टेयर आंका गया है।
अनेक राज्यों में धान के रकबे में गिरावट आई है। इसके तहत उत्पादन क्षेत्र कर्नाटक में 4.62 लाख हेक्टेयर और तेलंगाना में 4.39 लाख हेक्टेयर घट गया है। इसके अलावा कई अन्य राज्यों में भी धान के क्षेत्रफल में 1.00 से 1.80 लाख हेक्टेयर तक की गिरावट आई है जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु आदि शामिल हैं।
दूसरी ओर आसाम, उड़ीसा एवं गुजरात जैसे राज्यों में धान के रकबे में थोड़ी वृद्धि हुई है। केन्द्रीय पूल में चावल का विशाल स्टॉक मौजूद है इसलिए उत्पादन में 5-7 प्रतिशत की गिरावट आने से इसकी कुल उपलब्धता पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।