उर्वरकों का उत्पादन 10-15 प्रतिशत घटने की संभावना
27-Mar-2026 07:24 PM
बंगलोर। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी का कहना है कि अगर पश्चिम एशिया में ईरान- इजरायल के बीच युद्ध लम्बे समय तक जारी रहा तो भारत में रासायनिक उर्वरकों का उत्पादन 10-15 प्रतिशत तक घट सकता है।
इसके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का आयात न केवल प्रभावित हो रहा है बल्कि महंगा भी हो गया है। आयातित उर्वरकों का खर्च भी ऊंचा बैठ रहा है। इससे उद्योग की क्रियाशील पूंजी पर दबाव बढ़ेगा और सरकार के सब्सिडी बिल में 20,000-25,000 करोड़ रुपए तक का इजाफा हो सकता है।
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक यूरिया तथा कॉम्प्लैक्स फर्टिलाइजर्स- दोनों के वार्षिक उत्पादन में 10-15 प्रतिशत की कमी आने की संभावना है।
हालांकि सरकार वैकल्पिक स्रोतों से उर्वरकों की समुचित अवस्था एवं आपूर्ति सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन सही समय पर किसानों तक इसे पहुंचाना जरुरी होगा क्योंकि जून से खरीफ फसलों की खेती आरंभ होने वाली है। भारत में विदेशों से भारी मात्रा में उर्वरकों का आयात होता है।
