लालमिर्च के ओलियोरेसिन का उत्पादन घटने की संभावना

27-Mar-2026 06:01 PM

गुंटूर। कई कारणों से इस वर्ष लालमिर्च (चिली) के ओलियोरेसिन का घरेलू उत्पादन घटने की संभावना है। उद्योग- व्यापार समीक्षकों के अनुसार लालमिर्च के उत्पादन में 20-25 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है जिससे इसका भाव ऊंचा और तेज हो गया है।

उधर चीन में उत्पादन एवं स्टॉक बढ़ने से उसके ओलियोरेसिन का निर्यात ऑफर मूल्य गिरकर प्रतिस्पर्धी स्तर पर आ गया है। इससे भारत से निर्यात कमजोर पड़ने की आशंका है।

भारतीय मसाला उद्योग अब लालमिर्च के बजाए हल्दी के ओलियोरेसिन का उत्पादन एवं निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रहा है क्योंकि वैश्विक बाजार में नेचुरल करक्यूमिन' की अच्छी मांग बनी हुई है। ज्ञात हो कि विभिन्न साबुत मसालों के एक्सट्रैक्शन से मसाला तेल एवं ओलियोरेसिन का निर्माण होता है और इसकी निर्यात मांग मजबूत रहती है। 

अखिल भारतीय मसाला निर्यातक फोरम के चेयरमैन का कहना है कि लालमिर्च का एक्सट्रैक्शन इस बार कम हो रहा है क्योंकि एक तो दाम ऊंचा है और दूसरे ओलियोरेसिन का बकाया स्टॉक ही पर्याप्त है। निर्माता पहले उसे बेचने का प्रयास करेंगे।

पिछले साल की तुलना में इस वर्ष लालमिर्च का भाव लगभग दोगुना ऊंचा चल रहा है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना एवं कर्नाटक सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में बिजाई क्षेत्र घटने तथा मौसम की हालत पूरी तरह अनुकूल नहीं होने से लालमिर्च के उत्पादन में भारी गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं।