दक्षिण-पश्चिम मानसून 26 मई को केरलम पहुंचने की संभावना

16-May-2026 10:39 AM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नए अपडेट में कहा है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून इस वर्ष 26 मई को भारत की मुख्य भूमि में प्रवेश कर सकता है जो 1 जून की नियत तिथि से 6 दिन पूर्व होगा। भारत में आमतौर पर मानसून सबसे पहले केरलम के सुदूर दक्षिणी भाग- कालीकट तट पर पहुंचता है और फिर वहां से आगे बढ़ते हुए क्रमिक रूप से देश के अन्य भागों को कवर करता है। 

बंगाल की खाड़ी एवं अरब सागर के ऊपर मानसून के निर्माण के लिए परिस्थितियां पहले ही अनुकूल हो चुकी हैं। अंडमान- निकोबार द्वीप में मानसून का आगमन सामान्यतः 16-17 मई तक हो जाता है। वहां लगभग 10 दिनों तक सक्रिय रहने के बाद मानसून केरलम की ओर बढ़ता है और फिर देश के विभिन्न भागों में पहुंचता है। 

मौसम विभाग के इस अपडेट से कम से कम इतना आश्वासन अवश्य मिल रहा है कि अल नीनो मौसम चक्र मानसून के आगमन में बाधक नहीं बनेगा। नियत समय से 6 दिन पूर्व ही मानसून के आने से देश के अन्य भागों में भी इसकी सक्रियता जल्दी बढ़ सकती है जिससे किसानों को खरीफ फसलों की खेती में अच्छी सहायता मिलेगी।

अभी ऊंचे तापमान एवं वर्षा के अभाव से खेतों की मिटटी में नमी की भारी कमी हो गई है। जून में यदि अच्छी वर्षा हुई तो बांधों-जलाशयों में भी पानी का स्तर ऊंचा उठ सकता है जो पिछले कई महीनों से लगातार घट रहा है।