भीषण गर्मी का प्रकोप
16-May-2026 01:04 PM
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले कुछ दिनों तक देश के लगभग सभी भागों में भीषण गर्मी का प्रकोप बरकरार रहने का अनुमान लगाया है जिससे खरीफ फसलों की बिजाई प्रक्रिया आरंभ होने से पूर्व किसानों को अपने खेतों को तैयार करने में भारी कठिनाई हो सकती है। इसके तहत खासकर राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे प्रांतों में स्थिति बेहद खराब होने की आशंका है।
जनवरी से ही देश के अधिकांश इलाकों में अच्छी वर्षा नहीं होने से बांधों-जलाशयों में पानी का स्टॉक चिंताजनक स्तर तक नीचे आ गया है। अब मानसून के आने तक भयंकर गर्मी का प्रकोप जारी रहने से समस्या और भी गंभीर हो सकती है। कम से कम 21 मई तक भीषण गर्मी एवं ऊंचे तापमान से राहत मिलना मुश्किल है।
वैसे मौसम विभाग ने इस अवधि के दौरान देश के दक्षिणी राज्यों एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने अथवा भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की है। लेकिन देश के पश्चिमोत्तर भाग, मध्यवर्ती क्षेत्र और पूर्वी इलाका भयंकर गर्मी तथा सूखे का संकट झेलने के लिए विवश होगा। 16 से 21 मई के बीच तापमान काफी ऊंचे स्तर पर मौजूद रहेगा।
मौसम विभाग ने 26 मई को केरलम में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दस्तक देने की संभावना व्यक्त की है जो राहत वाली खबर है। पिछले साल भी मानसून नियत समय से कुछ पहले आया था जिससे कई राज्यों में खरीफ फसलों की अगैती खेती शुरू करने में किसानों को सहायता मिली थी।
इस बार आगामी महीनों में अल नीनो मौसम चक्र के सक्रिय रहने की संभावना है जिससे मानसून कुछ कमजोर पड़ सकता है। दरअसल मई में मानसून-पूर्व की अच्छी वर्षा से किसानों को काफी राहत मिलती है लेकिन इस बार अनेक इलाके अभी तक सूखे हैं। वहां यथाशीघ्र भारी बारिश की सख्त आवश्यकता है।
