दो सप्ताह में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम में बढ़ोत्तरी

25-May-2026 01:41 PM

नई दिल्ली। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेजी आने, शिपमेंट चार्ज ऊंचा होने तथा रुपया की विनिमय दर बहुत कमजोर पड़ने से भारत में क्रूड खनिज तेल (पेट्रोलियम) का आयात महंगा बैठ रहा है जिससे कंपनियों को पेट्रोल और डीजल के दाम में नियमित रूप से बढ़ोत्तरी करनी पड़ रही है। गत दो सप्ताह के दौरान इसकी कीमतों में चार बार इजाफा किया जा चुका है। 

नवीनतम बढ़ोत्तरी 24 मई को की गई जब पेट्रोल-डीजल का दाम 2.61-2.71 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दिया गया। सरकारी तेल कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्य में आने वाली तेजी का भार उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। इस नई वृद्धि के साथ पिछले दो सप्ताह के दौरान पेट्रोल-डीजल के दाम में अलग-अलग 7.50 रुपए प्रति लीटर का इजाफा हो गया। वृद्धि की शुरुआत 15 मई से हुई थी। 

पेट्रोल-डीजल का दाम बढ़ने से महंगाई में वृद्धि होना स्वाभाविक है क्योंकि तमाम उत्पादों एवं सामानों का परिवर्तन खर्च बढ़ जाएगा। चावल, गेहूं, दाल-दलहन, तेल-तिलहन एवं चीनी आदि से लेकर रोजमर्रा के काम आने वाले आवश्यक सामान का ढुलाई खर्च बढ़ेगा।

फलों एवं सब्जियों तथा मसालों का परिवहन खर्च भी ऊंचा होगा। वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल के दाम में आगे और बढ़ोत्तरी होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता इसलिए महंगाई में भी कमी आना मुश्किल है।