तीन साल में खाद्य निगम ने पंजाब को 26 हजार टन फोर्टिफाइड चावल लौटाया

12-Feb-2026 07:54 PM

नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा पिछले तीन मार्केटिंग सीजन के दौरान पंजाब से खरीदे गए फोर्टिफिाइड चावल में से 25,979 टन के स्टॉक को वापस लौटा दिया गया क्योंकि इसकी क्वालिटी अस्वीकृति की सीमा से अधिक खराब पाई गई। ध्यान देने की बात है कि फोर्टिफाइड चावल मूलता नियमित या सामान्य चावल ही होता है मगर कुछ सूक्ष्म पोषक तत्वों को इसमें अलग से मिश्रित किया जाता है

जिससे यह न केवल मानवीय स्वास्थ्य के लिए ज्यादा अनुकूल एवं उपयुक्त हो जाता है बल्कि कई रोगों से शरीर की रखा भी करता है। सामान्य चावल में आयरन, फोलिक एसिड एवं विटामिन बी 12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाकर उसे फोर्टिफाइड बनाया जाता है जो कुपोषण तथा घूप की कमी जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है। 

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार द्वारा आयरन फोलिक एसिड एवं विटामिन बी 12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए लक्षयांकित सार्वजनिक वितरण प्रणली (टीपीडीएस), पीएम पोषण तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति का अनिवार्य नियम लागू किया जा रहा है। सभी सरकारी योजनाओं के जरिए इस फोर्टिफाइड चल का सार्वभौमिक वितरण दिसम्बर 2028 तक जारी रहेगा। 

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 2022-23 सीजन के दौरान 15,660 टन, 2023-24 में 5940 टन तथा 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में 4379 टन फोर्टिफाइड चावल को स्वीकृति की सीमा से बाहर घोषित किया गया मौजूदा नियम के अनुसार यदि फोर्टिफाइड चावल के स्टॉक को अस्वीकार किया जाता है तो मिलर्स अथवा आरती करने वाली एजेंसी को इसके बदले नया स्टॉक देना पड़ता है।