अमरीका से व्यापार संधि के बाद मक्का एवं सोयाबीन का भाव नरम
12-Feb-2026 04:51 PM
मुम्बई। इंडो-यूएस ट्रेड डील के तहत भारत सरकार द्वारा अमरीकी सोया तेल एवं प्रोटीन से समृद्ध एवं पशु आहार (डीडीजीएस) के शुल्क मुक्त आयात की स्वीकृति दिए जाने का असर घरेलू बाजार में सोयाबीन, सोयामील एवं मक्का के दाम पर पड़ने लगा है।
अमरीका से इन उत्पादों का विशाल एवं सस्ता आयात होने की आशंका से बाजार में नरमी की धारणा बढ़ रही है। किसान संगठनों एवं विपक्षी दलों द्वारा इस व्यापार समझौते का जोरदार विरोध किया जा रहा है।
गत सप्ताह भारत और अमरीका द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया था कि भारत अमरीकी सोयाबीन तेल तथा डिस्टीलर्स ड्राईड ग्रेन्स विद सोल्यूबल्स (डीडीजीएस) के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति देने पर सहमत हो गया है।
इस अंतरिम फ्रेम वर्क की घोषणा होने के बाद से घरेलू प्रभाग में सोयाबीन के दाम में 10 प्रतिशत तथा मक्का के मूल्य में 4 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी है। उससे लाखों छोटे-छोटे भारतीय किसानों में चिंता एवं आक्रोश बढ़ने की आशंका है। ध्यान देने की बात है कि 2020-21 के दौरान किसानों के जबरदस्त विरोध प्रदर्शन के कारण सरकार को कृषि सुधारों को वापस लेने के लिए विवश होना पड़ा था।
विपक्षी दल इस द्विपक्षीय करार को भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए हानिकारक बता रहे हैं। उसका कहना है कि यह करार अमरीकी शर्तों पर हुआ है। जो-जीएम सोयाबीन के बदले सोया तेल तथा जीएम मक्का की जगह डीडीजीएस के आयात की अनुमति देना भारत के लिए घातक साबित हो सकता है।
इसके अलावा लाल ज्वार, फल तथा सूखे मेवे सहित कई अन्य कृषि उत्पादों का सस्ता आयात तेजी से बढ़ने पर भारतीय बाजार शिथिल पड़ जाएगा और स्थानीय किसानों को अपने उत्पादों का लाभप्रद मूल्य प्राप्त करने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ेगा। मक्का का भाव घटकर 1820 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया है जो एमएसपी से काफी नीचे है।
