अमरीकी कृषि उत्पादों पर सीमा शुल्क की चरणबद्ध रूप से समाप्त करने के संकेत
12-Feb-2026 05:05 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने कहा है कि अमरीका से आयात होने वाले अनेक कृषि एवं मध्यवर्ती (इंटरमीडिएड) उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती चरणबद्ध रूप से अगले 10 वर्षों तक की अवधि के दौरान की जाएगी।
भारत और अमरीका के बीच हुए व्यापारिक करार के तहत एक साथ सभी उत्पादों को शुल्क मुक्त नहीं किया जाएगा। इससे भारतीय किसानों एवं व्यापारियों / उद्यमियों को एडजस्टमेंट करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
जिन उत्पादों को इस श्रेणी में शामिल किया गया है उसमें नारियल तेल, अरंडी तेल एवं बिनौला (कॉटन सीड) तेल, मोडिफाइड स्टार्च, पेस्टोन एवं उसके अवयव तथा प्लांट्स एवं उसके कल-पुर्जे सहित कई अन्य उत्पाद सम्मिलित हैं। दोनों देश विभिन्न उत्पादों पर क्रमिक रूप से आयात शुल्क में कटौती करेंगे।
एक सरकारी बयान में कहा गया है कि भारत के साथ प्रसंस्करण उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ विशेष इंटरमीडिएट उत्पादों को फिलहाल दुनिया के कई देशों से मंगाया जाता है। यदि अमरीका से इसका आयात होगा तो उस पर टैरिफ को अगले 10 वर्षों तक घटाने की प्रक्रिया चरणबद्ध रूप से जारी रहेगी। अमरीका भी कई भारतीय उत्पादों के आयात पर शुल्क कटौती की यही प्रक्रिया अपनाएगा।
शुल्क कटौती या समाप्ति के ऑफर को कई श्रेणियों में रखा गया है जिसमें तत्काल शुल्क उन्मूलन, चरणबद्ध रूप से उन्मूलन (अगले 10 वर्षों तक), शुल्क में कटौती, मार्जिन ऑफ प्रिफरेंस तथा टैरिफ रेट कोटा (टीआरक्यू) प्रणाली शामिल है।
बयान के मुताबिक शुल्क रियायत का अतिरिक्त ढांचा यह सुनिश्चित करेगा की उन्मूलन श्रेणी के अंतर्गत 1.04 अरब डॉलर मूल्य के उत्पादों को शून्य रेसिप्रोकल ड्यूटी के साथ बाजार पहुंच का लाभ प्राप्त हो। इसके तहत अमरीका द्वारा 1.035 अरब डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों पर शून्य रेसिप्रोकल ड्यूटी लगाने का आश्वासन दिया गया है।
जी-एम खाद्य उत्पादों, सोयामील, मक्का, अन्य अनाज तथा डेयरी एवं पॉल्ट्री उत्पादों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है और शुल्क रियायत की श्रेणी में इसे शामिल नहीं किया गया है। इससे भारतीय किसानों को राहत मिलेगी।
