हल्दी कीमतों में अधिक मंदा नहीं

12-Feb-2026 07:42 PM

नई दिल्ली। वर्तमान में हल्दी के भाव मंदे के साथ बोले जा रहे है। अधिकांश उत्पादक केन्द्रों की मंडियों पर नए मालों की आवक शुरू हो चुकी है और दूसरे वर्ष भी देश में हल्दी का उत्पादन बढ़ने के पूर्वानुमान लगाए जा रहे हैं उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 में देश में हल्दी की पैदावार 50/55 लाख बोरी का रहा था जोकि वर्ष 2025 में बढ़कर 70/72 लाख बोरी का हो गया। जबकि चालू सीजन 2026 के दौरान उत्पादन अनुमान 80/85 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 60 किलो) के लगाए जा रहे हैं। 

मन्दा-तेजी 

जानकारों का कहना है कि उत्पादक केन्द्रों पर नए मालों की बढ़ती आवक एवं वायदा के मंदे समाचार मिलने के कारण हाल ही में हल्दी के भाव 3/4 रुपए प्रति किलो तक घट गए है। आगामी दिनों में मंडियों में नए मालों की आवक का दबाव बनने पर अभी कीमतों में नरमी रहेगी। लेकिन खपत की तुलना में कुल उपलब्धता कमजोर रहने के कारण वर्ष 2026 में हल्दी के भावों में अच्छी तेजी आने के अनुमान लगाए जा रहे। सूत्रों का कहना है कि चालू सीजन के दौरान कुल उत्पादन 80/85 लाख बोरी एवं बकाया स्टॉक 12/15 लाख बोरी को मिलाकर कुल उपलब्धता लगभग एक करोड़ बोरी के आसपास रहेगी। जबकि घरेलू खपत एवं निर्यात को मिलाकर 1.10/1.20 करोड़ बोरी की आवश्यकता होती है। वर्तमान में दिल्ली बाजार में हल्दी सिंगल पोलिश गट्ठा का भाव 150/152 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। 

आवक 

वर्तमान में निजामाबाद मंडी के अलावा ईरोड, सांगली एवं हिंगोली मंडी में भी नए मालों की आवक शुरू हो गई है जबकि बसमत, नान्देड, वारंगल, दुगीराला मंडियों में आवक मार्च माह में शुरू होने के समाचार है। 

उत्पादन अनुमान 

उत्पादक केन्द्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार चालू सीजन के दौरान मराठवाड़ा (बसमत, हिंगोली, नांदेड) लाइन पर हल्दी उत्पादन 32/35 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे है। जबकि सांगली लाइन पर उत्पादन 10/12 लाख बोरी, निजामाबाद 12/13 लाख बोरी उत्पादन होने के समाचार है। इरोड एवं सेलम लाइन पर उत्पादन 14/15 लाख बोरी होने के समाचार मिल रहे हैं। वारंगल लाइन पर 2 लाख बोरी एवं दुगीराला, कडप्पा लाइन पर 2.50/3 लाख बोरी उत्पादन होने के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी 5/6 लाख बोरी पैदावार होने के व्यापारिक अनुमान लगाए जा रहे है। 

निर्यात 

मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार चालू सीजन अप्रैल-नवम्बर 2025 के दौरान हल्दी का निर्यात 127530 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 1951.34 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-नवम्बर- 2024 में निर्यात 121601 टन का दिया गया था और 1984.47 करोड़ की आय प्राप्त हुई। वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का रहा था।