सोयाबीन का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल से बहुत पीछे
28-Jul-2026 04:24 PM
नई दिल्ली। खरीफ सीजन की एक प्रमुख तिलहन फसल- सोयाबीन की बिजाई में हाल के सप्ताहों में काफी सुधार आया है लेकिन फिर भी इसका रकबा गत वर्ष के बिजाई क्षेत्र तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से पीछे चल रहा है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र एवं राजस्थान जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में मानसून की अच्छी बारिश होने से सोयाबीन फसल की प्रगति में कोई बाधा नहीं पड़ रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन में 24 जुलाई तक राष्ट्रीय स्तर पर सोयाबीन का कुल उत्पादन क्षेत्र 113.65 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 117.25 लाख हेक्टेयर से 3.60 लाख हेक्टेयर तथा पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 128.71 लाख हेक्टेयर से 15.06 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन की बिजाई का आदर्श समय लगभग समाप्त हो चुका है।
यद्यपि इस महत्वपूर्ण तिलहन फसल की छिटपुट बिजाई आगे भी जारी रहेगी जिससे कुल क्षेत्रफल में कुछ सुधार आ सकता है लेकिन सामान्य औसत क्षेत्रफल तक इसका पहुंचना मुश्किल लगता है। यदि अगस्त-सितम्बर में मौसम अनुकूल रहा तो सोयाबीन के सकल घरेलू उत्पादन में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी।
