मौसम विभाग द्वारा अनेक राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी
28-Jul-2026 08:02 PM
नई दिल्ली। चालू माह (जुलाई) के आरंभ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की तीव्रता, सघनता एवं गतिशीलता में जो तेजी आई थी वह कुछ दिनों तक थमने के बाद पुनः बढ़ गई है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर निर्मित कम दाब के क्षेत्र एवं डीप डिप्रेशन का भरपूर सहयोग मानसून को प्राप्त हो रहा है और इसे स्थलीय साइक्लोनिक सर्कुलेशन का सहारा भी मिल रहा है।
मानसून की रिकवरी के स्पष्ट संकेत मिलने लगे है और इसका दायरा बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र उड़ीसा, गोवा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मानसून की जोरदार बारिश होने के आसार हैं। दक्षिणी राज्यों में लम्बे समय से अच्छी वर्षा नहीं हुई है जिससे वहां खरीफ फसलों के लिए खतरा बढ़ रहा है। लेकिन अब स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
आसाम, गुजरात एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों के कई भागों में अत्यन्त मूसलाधार बारिश होने से भयंकर बाढ़ भी आ गई। मौसम विभाग ने अगस्त में वर्षा कम होने की संभावना व्यक्त की है। इससे थोड़ी चिंता उत्पन्न हो गई है।
मानसून की वर्षा में कमी का अंतर घटकर 15 प्रतिशत रह गया है। मध्यवर्ती भारत में यह कमी महज 3 प्रतिशत रह गई है जबकि पश्चिमोत्तर राज्यों में भी 8 प्रतिशत पर आ गई है। लेकिन पूर्वी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र तथा दक्षिणी प्रायद्वीप में वर्षा का अभाव बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में मूसलाधार वर्षा का दौर जारी है। इसका विस्तार उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा तक देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल एवं उत्तरी उड़ीसा के बीच बालासोर एवं कैनिंग के तटवर्ती क्षेत्र में मौजूद एक सिस्टम देश के आंतरिक भाग की ओर बढ़ गया है।
