अब चीनी के लिए भंडारण सीमा लागू करने का निर्णय

28-Jul-2026 07:48 PM

नई दिल्ली। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति को सुगम बनाने तथा कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार ने चीनी पर भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) का आदेश लागू करने का निर्णय लिया है। यह आदेश 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और 30 नवम्बर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इससे चीनी का भाव खासकर त्यौहारी सीजन में कुछ हद तक उचित स्तर पर लाने में सहायता मिल सकती है।

केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्त मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा आज यानी 28 जुलाई 2026 को जारी एक आदेश में कहा गया है कि कोई भी डीलर किसी भी समय और स्थान पर 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रखेगा और स्टॉक प्राप्ति के तीस दिन से अधिक समय तक उसका भंडारण नहीं करेगा। कहने का मतलब है कि यदि चीनी का स्टॉक 4000 क्विंटल से ज्यादा है तो उसे एक माह के अंदर इस स्वीकृत सीमा के दायरे में आना होगा।

स्टॉक भंडारण की समय सीमा में वह तिथि भी शामिल मानी जाएगी जिस तारीख को स्टॉक प्राप्त किया गया। सभी डीलर्स को खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के पोर्टल पर चीनी के स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी और नियमित रूप से इसे अपडेट करना अनिवार्य होगा। 

लेकिन यह आदेश सरकारी स्टॉक के लिए प्रभावी नहीं होगा। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त डीलरों अथवा उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत उचित दर की दुकानों के जरिए वितरण के लिए स्टॉक के भंडारण पर भी यह आदेश मान्य नहीं होगा। 

समझा जाता है कि उत्पादन घटने की आशंका से कीमतों में वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए डीलर्स / वितरकों एवं स्टॉकिस्टों द्वारा विशाल मात्रा में चीनी की घबराहटपूर्ण लिवाली किए जाने से इसके दाम में 15 प्रतिशत तक की तेजी आ गई जिससे सरकार की चिंता एवं उपभोक्ताओं की कठिनाई बढ़ गई। त्यौहारी सीजन में चीनी का भाव और भी तेज होने की संभावना को देखते हुए सरकार को भंडारण सीमा का आदेश लागू करने का निर्णय लेना पड़ा।