सरकारी उपायों के बाद चीनी बाजार में आई नरमी
01-Sep-2026 11:01 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय द्वारा उठाए गए अनेक एहतियाती कदमों के प्रभाव से अब न केवल चीनी की कीमतों में बेतहाशा तेजी पर ब्रेक लग गया है बल्कि इसके एक्स फैक्टरी भाव, थोक बाजार, मूल्य और खुदरा दाम में गिरावट भी आने लगी है। इससे त्यौहारी सीजन में लोगों को राहत मिलेगी।
लेकिन एक्स फैक्टरी मूल्य एवं थोक बाजार भाव की तुलना में चीनी के खुदरा दाम में बहुत कम गिरावट आई है जिससे सरकार की चिंता बनी हुई है। सरकार 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति पहले ही दे चुकी है और अब उसने पाक्षिक आधार पर चीनी की घरेलू बिक्री का कोटा जारी करना शुरू कर दिया है ताकि मिलों और व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की बिक्री पर शहरी नजर रखने में सहायता मिल सके।
दरअसल रिटेलर्स ने पहले ऊंचे दाम पर जिस चीनी की खरीद की थी वह अब गले की फांस बन गई है। जब तक पुराना स्टॉक समाप्त नहीं होता तब तक वे चीनी का दाम घटाने में असमर्थ है। नया माल कम भाव पर मिल रहा है लेकिन इसे कुछ समय के बाद ही बेचा जा सकेगा।
चीनी के एक्स फैक्टरी मूल्य में शीर्ष स्तर के मुकाबले अब तक करीब 25 प्रतिशत की भारी गिरावट आ चुकी है लेकिन खुदरा दुकानों पर इसका ज्यादा असर नहीं देखा जा रहा है। खाद्य मंत्रालय ने 1-15 सितम्बर के लिए 13 लाख टन चीनी का फ्री सेल कोटा जारी किया है जो कुछ ऊंचा प्रतीत होता है। उद्योग समीक्षकों के अनुसार चीनी बाजार के लिए यह परीक्षा की घड़ी है और उसे काफी संभलकर आगे बढ़ना होगा।
निर्यात उद्देश्य के लिए करीब 3 लाख टन चीनी का स्टॉक बचा हुआ था जिसे अब घरेलू बाजार में बिक्री के लिए इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया है। इससे चीनी की आपूर्ति काफी बढ़ जाएगी और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। चीनी का खुदरा मूल्य घटाना सरकार के लिए चुनौती होगी।
