साप्ताहिक समीक्षा- धान-चावल
21-Mar-2026 08:23 PM
चावल की निर्यात मांग कमजोर-धान में मिश्रित रूख
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल के बीच जारी भयंकर युद्ध का असर मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों पर भी पड़ रहा है जबकि यह क्षेत्र भारतीय बासमती चावल का सबसे बड़ा बाजार है। इसी तरह शिपिंग खर्च एवं बीमा व्यय बढ़ने से बासमती के साथ-साथ सामान्य श्रेणी के चावल की निर्यात मांग भी कमजोर पड़ गई है।
आवक
घरेलू मंडियों में धान की सीमित आवक हो रही है और मिलर्स / प्रोसेसर्स तथा व्यापारियों / स्टॉकिस्टों की लिवाली के अनुरूप इसके दाम में मिश्रित रुख देखा जा रहा है। 14-20 मार्च वाले सप्ताह के दौरान दिल्ली की नरेला मंडी में 4-5 हजार बोरी धान की दैनिक आवक के बीच 1718 धान का भाव 210 रुपए बढ़कर 4260 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया छत्तीसगढ़ की भाटापाड़ा एवं राजिम मंडियों में सामान्य कारोबार के साथ धान का भाव लगभग स्थिर रहा।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की अधिकांश मंडियों में धान की आवक लगभग बंद हो गई है। समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान केवल शाजहांपुर एवं अलीगढ में इसकी थोड़ी-बहुत आपूर्ति हुई। राजस्थान की कोटा एवं बूंदी मंडी में धान की अच्छी आपूर्ति जारी है और बेहतर कारोबार के साथ वहां कीमतों में 100-200 रुपए प्रति क्विंटल का सुधार दर्ज किया गया। अन्य मंडियों में आवक नहीं या नगण्य हुई।
चावल
जहां तक चावल का सवाल है तो भाटापाड़ा में विष्णु भोग का भाव 500 रुपए लुढ़ककर 14,000 रुपए प्रति क्विंटल पर आ गया। इसी तरह अमृतसर में 1509 सेला चावल का दाम 150 रुपए गिरकर 7300/7350 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। कुछ अन्य किस्मों के चावल की कीमत में भी 100-150 रुपए की नरमी रही। बूंदी में भी 100-200 रुपए की गिरावट रही। दिल्ली के नया बाजार में 1718 सेला चावल का दाम 200 रुपए घटकर 7750 रुपए प्रति क्विंटल रह गया।
