साप्ताहिक समीक्षा-मसूर

21-Mar-2026 08:56 PM

मसूर में तेजी: मजबूत मांग से भावों में उछाल              

मुम्बई। चालू सप्ताह के दौरान मसूर की कीमतों में तेजी का रुख लगातार बना रहा। बाजार में बिकवाली कमजोर रहने और मांग बेहतर बने रहने के कारण भावों को मजबूत समर्थन मिल रहा है। स्टॉकिस्टों और दाल मिलर्स की सक्रिय खरीदारी से घरेलू बाजार में मजबूती का माहौल बना हुआ है। व्यापारियों के अनुसार, बाजार में लिवाली बढ़ने से कीमतों में धीरे-धीरे लेकिन स्थिर तेजी दर्ज की जा रही है। मांग और सप्लाई के बीच संतुलन फिलहाल कीमतों के पक्ष में बना हुआ है, जिससे बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मसूर की कीमतों में तेजी आई है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण आयातित माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे लैंडिंग कॉस्ट बढ़ गई है। इस सप्ताह आयातित मसूर के भाव में लगभग 20–25 डॉलर प्रति टन की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सी एंड एफ (C&F) आधार पर ऑस्ट्रेलिया मसूर लगभग 605 डॉलर प्रति टन और कनाडा मसूर करीब 600 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है। आयातित कीमतों में इस तेजी का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिल रहा है। ऊंची आयात लागत के चलते स्टॉकिस्टों और मिलर्स की खरीदारी लगातार बनी हुई है, जिससे घरेलू मसूर के भाव को मजबूती मिल रही है। मजबूत मांग, सीमित बिकवाली और महंगे आयात के चलते मसूर बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रहने की संभावना है।
आयातकों की बिकवाली कमजोर पड़ने व मजबूत मांग के समर्थन से आयातित मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 200/250 रुपए प्रति क्विंटल का उछाल  दर्ज किया गया और इस उछाल के साथ भाव मुंद्रा कनाडा 5800 रुपए हजीरा 5850 रुपए व कंटेनर कनाडा 6100 रुपए व ऑस्ट्रेलिया 6100/6150 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। 
कनाडा 
कनाडा से 2025-26 के चालू मार्केटिंग सीजन में मसूर का कुल निर्यात बढ़कर लगभग 21 लाख टन पहुंचने का अनुमान है। भारत, तुर्की और यूएई इसके प्रमुख आयातक देश बने हुए हैं। हालांकि, अगस्त से दिसंबर अवधि में निर्यात 10.30 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6% कम है। विशाल उत्पादन और सामान्य कारोबार के चलते कनाडा में मसूर का बकाया स्टॉक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की संभावना है, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। चालू सीजन में औसत कीमत घटकर करीब 510 डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान है। कम कीमतों के कारण किसानों की आय प्रभावित होने की आशंका है, जिससे 2026-27 में मसूर का रकबा घटकर 16.70 लाख हेक्टेयर रह सकता है। उत्पादन घटकर 23.50 लाख टन होने का अनुमान है, लेकिन बड़े स्टॉक के चलते कुल आपूर्ति बढ़कर 41.20 लाख टन तक पहुंच सकती है।
दिल्ली 
स्टाकिस्टों की बिकवाली कमजोर पड़ने व लिवाली बेहतर बनी रहने से चालू साप्ताह के दौरान दिल्ली बड़ी मसूर में 200 रुपए व छोटी मसूर में भी 200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखी  गयी और भाव सप्ताहांत में छोटी कोटा 7000 रुपए ,बूंदी 7800 रुपए उत्तरप्रदेश 7900 रुपए व देसी बड़ी 6700 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गयी। 
मध्य प्रदेश 
स्टाकिस्टों व दाल मिलर्स की लिवाली बनी रहने से इस सप्ताह मध्य प्रदेश मसूर की कीमतों में 100/200 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी दर्ज की गयी और इस बढ़ोतरी के साथ भाव सप्ताहांत में भाव अशोकनगर 6000/6100 रुपए बीना 6050/6200 रुपए गंजबासोदा 6000/6200 रुपए सागर 6000/6500 रुपए दमोह 6000/6350 रुपए इंदौर 5600 रुपए करेली 5350/6260 रुपए व कटनी 6450 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।
उत्तर प्रदेश  
मांग मजबूत होने से चालू साप्ताह के दौरान उत्तर प्रदेश की छोटी मसूर की कीमतों में 300 रुपए व बड़ी मसूर में 150/200 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गयी और भाव सप्ताहांत में बरेली छोटी 7900 रुपए मोटी 6500/6525 रुपए ललितपुर मोटी 6100/6275 रुपए छोटी 7400/7600 रुपए व उरई 6000/6350 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी । 
अन्य 
चौतरफा तेजी के समर्थन व लिवाली बनी रहने से  बिहार मसूर की कीमतों में इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल कीबढ़ोतरी देखी गयी और भाव सप्ताहांत में बाढ़ 6300 रुपए खुशरूपुर 6200 रुपए व मोकामा 6300 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी। इसी प्रकार रायपुर मसूर की कीमतों में भी इस साप्ताह 100 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़त देखी गयी और सप्ताहंत में भाव 6100 रुपए प्रति क्विंटल हो  गए।
मसूर दाल 
मसूर की तेजी के समर्थन व मांग बढ़ने से चालू साप्ताह के दौरान मसूर दाल की कीमतों में 100/300 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी देखी गयी और सप्ताहांत में भाव इंदौर 6800/7000 रुपए बाढ़ 7300/7600 रुपए, खुशरुपुर 7200/7500 रुपए, मोकामा 7300/7600 रुपए चंदौसी 8300/9800 रुपए व हैदराबाद 7450 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी।