साप्ताहिक समीक्षा- सरसों

07-Mar-2026 06:07 PM

नीचे दाम पर कारोबार सुधरने से सरसों में कुछ तेजी
 
नई दिल्ली। प्रमुख उत्पादक राज्यों में नई सरसों की आवक जोर पकड़ने लगी है। पहले इसकी कीमतों पर दबाव बढ़ गया था और अधिकांश मंडियों में दाम घटकर 6500 रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गया था। इसके फलस्वरूप सरसों की खरीद में व्यापारियों एवं तेल मिलर्स की दिलचस्पी बढ़ गई जिससे 28 फरवरी- 6 मार्च वले सप्ताह के दौरान इस महत्वपूर्ण तिलहन का भाव 200-300 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ गया। 
42 प्रतिशत कंडीशन सरसों 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का दाम दिल्ली तथा जयपुर में 50-50 रुपए सुधरकर क्रमश; 6450 रुपए तथा 6700 रुपए प्रति क्विंटल हो गया सामान्य औसत क्वालिटी वाली सरसों की कीमत गुजरात एवं हरियाणा की मंडियों में सीमित उतार-चढ़ाव के साथ लगभग स्थिर रही लेकिन मध्य प्रदेश के ग्वालियर में यह 200 रुपए बढ़कर 6200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। 
उत्तर प्रदेश 
उत्तर प्रदेश की हापुड़ मंडी 100 रुपए कमजोर रही। लेकिन राजस्थान में मिश्रित रुख देखा गया। वहां सरसों का भाव खैरथल, नेवाई एवं टोंक में 250-250 रुपए प्रति क्विंटल तथा बूंदी में 375 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गया। कोलकाता में भी 100 रुपए की तेजी रही। 
सरसों तेल 
सरसों में तेजी का आसार उसके तेल पर पड़ा और इसके दाम में भी 1 से 3 रुपए प्रति किलो तक की वृद्धि हो गई। दिल्ली में तेल एक्सपेलर का भाव 30 रुपए की वृद्धि के साथ 1350 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंच गया। राजस्थान के गंगा नगर में यह 40 रूपए बढ़कर 1330 रुपए प्रति 10 किलो पर पहुंचा। सरसों खल एवं डीओसी में सामान्य कारोबार के बीच दाम या तो स्थिर रहा या कुछ बढ़ गया।