साप्ताहिक समीक्षा- हल्दी
07-Mar-2026 06:04 PM
हल्दी कीमतों में गिरावट : निर्यात मांग प्रभावित
नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान हल्दी की कीमतों में गिरावट रही। सूत्रों का कहना है कि पश्चिमी एशिया में फैली अशांति के चलते एक ओर जहां निर्यात मांग प्रभावित हो रही है वहीं दूसरी तरफ उत्पादक केन्द्रों पर नए मालों की आवक बढ़ रही है साथ ही वायदा में भी भाव मंदे के साथ बोले जा रहे हैं। जिसका असर हाजिर बजरों पर मंदे का रहा।
हालांकि चालू सीजन के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन गत वर्ष की चोलना में अधिक होने के समाचार है लेकिन बकाया स्टॉक कम रह जाने के कारण भविष्य में कीमतों में तेजी आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। वर्तमान हालात को देखते हुए हाल-फिलहाल कीमतों में तेजी की संभावना नहीं है मगर आगामी दिनों में निर्यात मांग निकलने पर अवश्य ही बाजार में तेजी बनेगी।
उल्लेखनीय है चालू सीजन के दौरान उत्पादक केन्द्रों पर हल्दी की बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन में आशानुरूप वृद्धि नहीं होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार चालू वित्त वर्ष के दौरान देश में हल्दी का उत्पादन 80/85 लाख बोरी होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं जबकि गत वर्ष उत्पादन 72/75 लाख बोरी का रहा था। वर्ष 2024 में उत्पादन 50/55 लाख बोरी का माना गया था।
आवक
वर्तमान में निजामाबाद एवं सांगली मंडी में आवक जोरों पर चल रही है निजामाबाद में आवक 40/45 हजार बोरी एवं सांगली 18/20 हजार बोरी की हो रही है। जबकि इरोड में 5/6 हजार बोरी के अलावा मराठवाड़ा लाइन पर भी आवक शुरू हो गई है। मराठवाड़ा लाइन पर आवक का दबाव चालू माह के अंत तक बनने की संभावना है।
भाव
चालू सप्ताह के दौरान हल्दी के दामों में 3/5 रुपये प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। वायदा में भी अप्रैल का भाव 15350 रुपए खुले के पश्चात सप्ताह के अंत में 14680 रुपए पर बंद हुआ। मई का भाव सप्ताह के अंत में 14812 रुपए पर बंद हुआ। जबकि सप्ताह के शुरू में भाव 15110 रुपए खुला था। ईरोड मंडी में गट्ठा का भाव 141 रुपए से मंदे के साथ 136 रुपए पर बोला गया। निजामाबाद मंडी में भी गट्ठा 5 रुपए प्रति किलो नरमी के साथ सप्ताह के अंत में 125 रुपए पर बोला गया। अन्य मंडियों में भी भाव मंदे के साथ बोले गए। सूत्रों का कहना है कि हालांकि चालू सीजन के दौरान हल्दी की कीमतों में अच्छी तेजी आने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। और मई-जून के बाद भाव धीरे-धीरे बढ़ने लगेंगे। उत्पादक केन्द्रों के मंदे समाचारों एवं लोकल ग्राहकी कम होने का दिल्ली बाजार में गट्ठा का भाव 148/150 रुपए पर आ गया। जोकि जनवरी माह में 160/162 रुपए बोला जा रहा था।
निर्यात
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के प्रथम नौ माह में हल्दी का निर्यात गत वर्ष की तुलना में 4 प्रतिशत बढ़ा है जबकि आय में 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-दिसम्बर-2025 में हल्दी का निर्यात 142386 टन का किया गया। और निर्यात से प्राप्त आय 2257.64 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-दिसम्बर- 2024 में निर्यात 136921 टन का निर्यात हुआ। और प्राप्त आय 2234.58 करोड़ की रही। वर्ष 2024-25 के दौरान हल्दी का कुल निर्यात 176325 टन का किया गया। मगर सूत्रों का मानना है कि वर्तमान हालत को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2025-26 के दौरान निर्यात गत वर्ष की तुलना में कम रहेगा। वर्ष 2020-21 के दौरान हल्दी का रिकॉर्ड निर्यात 183868 टन का रहा था।
