साप्ताहिक समीक्षा- गेहूं

04-Jul-2026 07:30 PM

सामान्य आवक एवं अच्छी लिवाली से गेहूं में तेजी 

नई दिल्ली। केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की सरकारी खरीद का अभियान समाप्त हो चुका है और प्रमुख उत्पादक राज्यों की थोक मंडियों में इसकी आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। केन्द्र सरकार ने ओएमएसएस के तहत बेचे जाने वाले गेहूं का न्यूनतम आधार मूल्य ऊंचा नियत किया है जबकि इसकी मात्रा एवं तिथि अभी घोषित नहीं की है। सरकारी स्टॉक प्राप्त होने में अनिश्चितता का माहौल रहने से मिलर्स / प्रोसेसर्स की दिलचस्पी थोक मंडियों से गेहूं खरीदने में बढ़ गई जिससे 27 जून- 3 जुलाई वाले सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश के इंदौर एवं उज्जैन को छोड़कर देश की अन्य प्रमुख मंडियों में गेहूं के दाम में अच्छी वृद्धि हुई। 
दिल्ली 
समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान गेहूं का भाव दिल्ली में 95 रुपए की तेजी के साथ 2780/2800 रुपए प्रति क्विंटल तथा राजकोट में 100 रुपए बढ़ कर 2300/2900 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। लेकिन यह इंदौर में 150 रुपए घटकर 2500/2730 रुपए प्रति क्विंटल तथा उज्जैन में 75 रुपए गिरकर 2400/2725 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। 
राजस्थान 
राजस्थान में कोटा एवं बारां की मंडी शांत रही मगर बूंदी में भाव 50 रुपए सुधर गया। उत्तर प्रदेश की अधिकांश मंडियों में तेजी देखी गई। एटा में 150 रुपए का इजाफा हुआ। 
आवक 
सरकारी गेहूं मिलर्स के लिए महंगा बैठेगा इसलिए थोक मंडी में भाव कुछ और सुधर सकता है। दिल्ली में 5-6 हजार बोरी गेहूं की औसत दैनिक आवक दर्ज की गई।