राजस्थान में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष से 20 प्रतिशत पीछे

13-Jul-2026 06:04 PM

जयपुर। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में इस वर्ष खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 92.60 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंचा है जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 116.20 लाख हेक्टेयर से करीब 20 प्रतिशत कम तथा सामान्य औसत क्षेत्रफल 164.10 लाख हेक्टेयर का 56 प्रतिशत है। 

राज्य कृषि विभाग के साप्ताहिक आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान राजस्थान में धान का उत्पादन क्षेत्र 1.68 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.33 लाख हेक्टेयर, मक्का का रकबा 8.61 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.70 लाख हेक्टेयर तथा बाजरा का बिजाई क्षेत्र 36.50 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 24.70 लाख हेक्टेयर रह गया। 

इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी गत वर्ष के 26.10 लाख हेक्टेयर से घटकर 22.80 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके तहत मूंग का बिजाई क्षेत्र 16.80 लाख हेक्टेयर से घटकर 15.90 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का रकबा 2.54 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2 लाख हेक्टेयर पर आ गया। इसके अलावा वहां मोठ सहित कुछ अन्य दलहन फसलों की खेती हुई है। 

जहां तक तिलहन फसलों का सवाल है तो राजस्थान में इसका उत्पादन क्षेत्र भी पिछले साल के 17.50 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 16.40 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत यद्यपि मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 7.83 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.20 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया लेकिन सोयाबीन का क्षेत्रफल 8.45 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.75 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। शेष क्षेत्रफल में अरंडी सहित अन्य तिलहन फसलों की बिजाई हुई। 

राजस्थान में कपास का रकबा भी पिछले साल के 6.08 लाख हेक्टेयर से घटकर इस बार 5.15 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का बिजाई क्षेत्र 12.20 लाख हेक्टेयर से घटकर 9.82 लाख हेक्टेयर पर सिमट गया। खरीफ फसलों की बिजाई अभी जारी है जिससे क्षेत्रफल में सुधार आने की उम्मीद है।