हिन्द महासागर का डायपोल घनात्मक होने से घट सकता है अल नीनो का प्रभाव

13-Jul-2026 06:09 PM

मुम्बई। एक प्राइवेट मौसम पूर्वानुमान एजेंसी ने कहा है कि हिन्द महासागर में डायपोल अभी तक न्यूट्रल था लेकिन अब इसके घनात्मक रूप में बदलने के संकेत मिल रहे हैं। जुलाई में यह डायपोल अपने घनात्मक स्तर से कुछ ऊपर रह सकता है जबकि समय के साथ इसकी तीव्रता बढ़कर सितम्बर में 90 प्रतिशत तक ऊपर जा सकती है। इससे अल नीनो मौसम चक्र का प्रभाव घट सकता है।

ज्ञात हो कि पूर्वी एवं पश्चिमी हिन्द महासागर के ट्रॉपिकल क्षेत्र में समुद्री सतह के तापमान में आने वाले अंतर को डायपोल कहा जाता है। यह अपने न्यूट्रल स्तर से जितना ऊपर रहेगी, भारत में अच्छी वर्षा होने की उम्मीद उतनी ही अधिक रहेगी। दूसरी ओर डायपोल के ऋणात्मक होने पर वर्षा की संभावना घट जाती है।

ट्रॉपिकल हिन्द महासगार के डायपोल में होने वाला सकारात्मक बदलाव भारतीय मानसून के लिए शुभ एवं अनुकूल माना जाता है क्योंकि यह ट्रॉपिकल प्रशान्त महासागर से आने वाले अल नीनो के प्रभाव को काफी हद तक घटा देता है।

मौसम एजेंसी का कहना है कि हिन्द महासागर का डायपोल बेशक घनात्मक होने लगा है लेकिन अभी बदलाव की गति धीमी है और इसे पूरी तरह घनात्मक बनने में सितम्बर तक का समय लग सकता है। इस बीच जुलाई-अगस्त में अल नीनो प्रभावी रह सकता है जिससे देश में मानसूनी वर्षा में कमी आने की आशंका बनी रहेगी। कम वर्षा से खरीफ फसलों की बिजाई एवं प्रगति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। अनेक राज्यों में रकबा अभी गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है जो गंभीर चिंता का विषय है।