होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से भारत के आयात-निर्यात में बाधा
13-Jul-2026 07:08 PM
मुम्बई। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव तथा अमरीका के जोरदार हमले को देखते हुए ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को व्यापारिक जहाजों के आवागमन के लिए बंद कर दिया है। इससे जहां एक तरफ भारत में पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, रासायनिक उर्वरक तथा सूखे मेवों के आयात में गंभीर बाधा उत्पन्न होने की आशंका है वहीं दूसरी ओर भारत से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में बासमती चावल, चाय तथा ऑयल मील सहित अनेक अन्य उत्पादों का निर्यात प्रभावित होने की संभावना भी है। होर्मुज स्ट्रेट के जल मार्ग से भारतीय सामानों से लदे जहाज और भी दूरस्थ देश तक जाते रहे हैं।
ईरान सरकार ने होर्मुज जल डमरू मध्य (स्ट्रेट) को नए सिरे से बंद करने की घोषणा कर दी है जिससे भारत सहित कई अन्य एशियाई देशों की चिंता बढ़ गई है।
एक ओर खास बात यह है कि अमरीकी सेना द्वारा ईरान के कुछ प्रमुख बंदरगाह शहरों पर भीषण बमबारी की जा रही है जिसमें चावहार, बंदर अब्बास एवं बुशहर आदि शामिल हैं। बदले की कार्रवाई के तहत ईरान द्वारा भी अरब क्षेत्र के पांच-छह देशों पर ड्रोन एवं मिसाइलों से घातक आक्रमण किया जा रहा है। इससे उन देशों से भी कारोबार करना अन्य देशों के लिए कठिन होता जा रहा है।
अमरीका और ईरान के बीच जब 60 दिनों के लिए सीज फायर (युद्ध विराम) हुआ था तब ऐसा लगा कि अब स्थिति धीरे-धीरे इस क्षेत्र में सामान्य हो जाएगी। इसी उम्मीद से भारतीय निर्यातकों ने पुराने सौदों के तहत माल की डिलीवरी देनी आरंभ कर दी थी लेकिन होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा बंद होने से शिपमेंट अटकने का खतरा बढ़ गया है।
