रबी फसलों के लिए मौसम की हालत हुई प्रतिकूल

07-Apr-2026 08:25 PM

नई दिल्ली। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुरूप आज यानी 7 अप्रैल से पश्चिमोत्तर भारत के विभिन्न भागों में तेज हवा के प्रवाह के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया और तापमान में गिरावट आ गई। आंधी-वर्षा का विस्तार पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान सहित अन्य सीमावर्ती प्रांतों तक देखा जा रहा है। इस तरह का मौसम रबी फसलों और खासकर गेहूं के लिए उपयुक्त नहीं है। दिल्ली भी इसकी चपेट में है। 

पिछले सप्ताह की आंधी-वर्षा से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ। उसका आंकलन अभी समाप्त भी नहीं हुआ था कि नए सिरे से फसल को क्षति पहुंचने लगी है। मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक आंधी-वर्षा का प्रकोप जारी रहने की संभावना व्यक्त की है जिससे फसलों पर खतरा और बढ़ सकता है।

आंधी-वर्षा के कारण पंजाब-हरियाणा में गेहूं की नई फसल की कटाई-तैयारी बुरी तरह प्रभावित हो रही है जबकि अन्य राज्यों में भी इसकी गति सुस्त बनी हुई है। आंधी-वर्षा से गेहूं के उत्पादन में तो सीमित गिरावट आने की संभावना है मगर इसके दाने की क्वालिटी बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।

इसके फसल की कटाई-तैयारी में भी देर हो जाएगी। अभी जो फसल काटी जाएगी उसमें नमी का अंश जरूरत से ज्यादा होगा और धूप की कमी से उसे सुखाने में कठिनाई होगी।

उच्च नमी वाले गेहूं की सरकारी खरीद नहीं की जाएगी जबकि मंडियों में उसे औने-पौने दाम पर खरीदने का प्रयास किया जाएगा। इस प्राकृतिक आपदाओं से गेहूं के साथ-साथ जौ, चना एवं सरसों की फसल भी प्रभावित हो सकती है।