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16-Oct-2026 07:57 PM
हैदराबाद। ईरान तथा अमरीका के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति के कारण होर्मुज स्ट्रेट से माल वाहक जहाजों के आवागमन में बाधा पड़ने से भारतीय चावल का निर्यात आंशिक रूप से प्रभावित हो रहा है। पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के देशों में भारत से अत्यन्त विशाल मात्रा में बासमती चावल का निर्यात होता है मगर वहां पिछले कुछ महीनों से हालात असामान्य बने हुए हैं। इसके अलावा सऊदी अरब तथा यमन के हुती विद्रोहियों के बीच जारी भयंकर जंग से भी स्थिति खराब होती जा रही है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार विपरीत हालात के बावजूद भारतीय चावल की निर्यात आय में कमी तो नहीं आई लेकिन इसमें ज्यादा इजाफा भी नहीं हो सका। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यानी अप्रैल-सितम्बर 2026 के दौरान भारत से 5.77 अरब डॉलर मूल्य के चावल का निर्यात हुआ जो वर्ष 2025 की समान अवधि की निर्यात आय से 2.5 प्रतिशत अधिक है। पश्चिम एशिया में संकट बरकरार रहने से सामुद्रिक परिवहन खर्च भी बढ़ गया।
उल्लेखनीय है कि भारत से दुनिया के करीब 140 देशों को बासमती तथा गैर बासमती चावल का निर्यात किया जाता है। गैर बासमती चावल में 'ए' ग्रेड (फाइन), सामान्य श्रेणी (मोटा) तथा टूटे संवर्ग (टुकड़ी) का शिपमेंट शामिल रहता है। एशिया, अफ्रीका, यूरोप एवं अमरीका आदि को भारत से चावल की आपूर्ति की जाती है।