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लालमिर्च में अधिक तेजी नहीं : आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में बिजाई अधिक

16-Oct-2026 07:14 PM

लालमिर्च में अधिक तेजी नहीं : आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में बिजाई अधिक

नई दिल्ली। चालू सप्ताह के दौरान लालमिर्च के भाव मजबूती के साथ बोले गए क्योंकि मंडियों में हल्की क्वालिटी के माल की आवक अधिक होने के कारण सीमित रही। जिस कारण से गुंटूर मंडी में लालमिर्च तेजा का भाव बढ़कर 220/222 रुपए प्रति किलो हो गए हैं जोकि एक सप्ताह पूर्व 215/218 रुपए बोला जा रहा था। खम्मम मंडी में भी तेजा का भाव 220 रुपए से मजबूती के साथ 225 रुपए पर बोला जाने लगा है। जानकार सूत्रों का कहना है कि कीमतों में अधिक तेजी की संभावना नहीं है क्योंकि मध्य प्रदेश की मंडियों में नए लालमिर्च की आवक बढ़नी शुरू हो गई है साथ ही कर्नाटक की ब्यादगी मंडी के अलावा हैदराबाद में भी नए मालों की छिटपुट आवक शुरू हो गई है। मध्य प्रदेश की बेडिया मंडी में नए मालों की आवक 15/20 हजार बोरी की होने लगी है और माही फुलकट का भाव 205/215 रुपए बोला जा रहा है जबकि नए मालों के भाव 250/255 रुपए खुले थे। सूत्रों का कहना है कि दशहरा के पश्चात मंडियों में आवक बढ़नी शुरू हो जाएगी। जिस कारण से आगामी दिनों में लालमिर्च के भावों में तेजी के आसार नहीं है। 

बिजाई अधिक 

मध्य प्रदेश में अधिक बिजाई के पश्चात आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में भी लालमिर्च की बिजाई 30/35 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल पर किए जाने के समाचार मिले हैं मगर इस वर्ष बारिश की कमी के चलते पैदावार में आशानुरूप वृद्धि नहीं होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अगर आगामी दिनों में बारिश नहीं होती है तो फसल को अवश्य ही नुकसान होगा और उत्पादन भी बिजाई के अनुरूप नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष आंध्र प्रदेश में लालमिर्च का उत्पादन सवा करोड़ बोरी एवं तेलंगाना में 45/50 लाख बोरी का माना गया था। 

कर्नाटक 

प्राप्त जानकारी के अनुसार कर्नाटक की ब्यादगी मंडी में नए मालों की आवक 8/10 हजार बोरी की होने लगी है और केडीएल क्वालिटी का भाव 640/670 रुपए एवं 2043 क्वालिटी का भाव 260/285 रुपए बोला जा रहा है। जबकि पुरानी डब्बी डीलक्स का भाव 700/735 रुपए चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि कर्नाटक में भी इस वर्ष लालमिर्च की बिजाई अधिक क्षेत्रफल पर की गई थी लेकिन प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादन गत वर्ष के बराबर ही रहने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 

निर्यात 

चीन की कमजोर मांग एवं कीमतें अधिक होने के कारण अन्य देशों की मांग भी कम रहने के कारण लालमिर्च का निर्यात प्रभावित हुआ है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026-27 के प्रथम दो माह अप्रैल-मई 2026 के दौरान लालमिर्च का निर्यात 119438 टन का रहा जोकि गत वर्ष की इसी समयावधि की तुलना में 35 प्रतिशत कम है। वर्ष 2025-26 (अप्रैल-मार्च) के दौरान लालमिर्च का कुल निर्यात 683681 टन का रहा वर्ष 2024-25 में निर्यात 715506 टन का किया गया था।