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16-Oct-2026 05:19 PM
चंडीगढ़। केन्द्रीय पूल में खाद्यान्न का योगदान देने वाले एक अग्रणी राज्य- हरियाणा में वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा अब तक 15.52 लाख टन धान की खरीद की गई है और इसके एवज में किसानों को 1221 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया गया है।
हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा धान की सम्पूर्ण खरीद व्यवस्था का गम्भीरतापूर्वक आंकलन किया जा रहा है जिसमें मंडियों में धान की आवक, उसकी खरीद, स्टॉक का उठाव, किसानों को हुए भुगतान तथा टेक्नोलॉजी का उपयोग आदि शामिल है। इसका उद्देश्य खरीद की प्रक्रिया को ज्यादा प्रभावशाली, पारदर्शी एवं किसान हितैषी बनाना है।
पिछले दिन आयोजित समीक्षा बैठक में जिला प्रशासन, खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों, ट्रांसपोर्टर्स एवं चावल मिलर्स के बीच बेहतर सम्पर्क एवं सहयोग स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया गया। यह सहयोग सम्पूर्ण खरीद अवधि तक बरकरार रखने को कहा गया।
हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के प्रधान सचिव ने समीक्षा बैठक में जानकारी दी कि 15 अक्टूबर 2026 तक राज्य की सभी मंडियों में कुल मिलाकर 21.27 लाख टन धान, की आपूर्ति हुई जिसमें से 15.52 लाख टन की खरीद पूरी हो गई। इसमें 7.69 लाख टन धान का उठाव भी कर लिया गया।
शेष स्टॉक का तेजी से उठाव सुनिश्चित किया जा रहा है। सरकारी एजेंसियां न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर किसानों से धान की जोरदार खरीद कर रही है और इसकी कीमतों का भुगतान भी सही समय पर किया जा रहा है इस बार हरियाणा में 1 अक्टूबर के बजाए 29 सितम्बर से ही धान की सरकारी खरीद आरंभ करने की अनुमति दी गई थी।