पाम तेल की वजह से जून में खाद्य तेलों का आयात घटने का अनुमान
02-Jul-2026 07:36 PM
मुम्बई। हालांकि सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) की मासिक रिपोर्ट मध्य जुलाई के आसपास सामने आने की संभावना है जिसमें जून माह के दौरान हुए खाद्य तेलों के आयात का सम्पूर्ण विवरण दिया जाएगा लेकिन उससे पूर्व उद्योग व्यापार क्षेत्र के विश्लेषकों ने जो अनुमान लगाया है उससे पता चलता है कि जून 2026 में पाम तेल का आयात घटकर पिछले 14 माह के सबसे निचले स्तर पर सिमट गया।
समीक्षकों के अनुसार एक तो पाम तेल की घरेलू मांग कुछ कमजोर चल रही है और दूसरे, सोयाबीन तेल के सापेक्ष इसका मूल्यान्तर भी काफी घट गया है। मई के मुकाबले जून में पाम तेल का आयात 10.5 प्रतिशत घटकर 4.92 लाख टन रह जाने का अनुमान लगाया गया है जो अप्रैल 2025 के बाद सबसे कम है।
इसी तरह समीक्षाधीन अवधि के दौरान सोयाबीन तेल का आयात 23 प्रतिशत घटकर 3.81 लाख टन और सूरजमुखी तेल का आयात 17.5 प्रतिशत गिरकर 2.44 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना व्यक्त की गई है। सूरजमुखी तेल का आयात गत तीन माह में सबसे कम हुआ।
इस तरह तीनों प्रमुख तेलों का आयात कम होने से जून में खाद्य तेलों का कुल आयात घटकर 11 लाख टन के आसपास रह जाने का अनुमान लगाया गया है जो मई के आयात से 16.6 प्रतिशत कम है।
खाद्य तेलों के इस सकल आयात में उत्तरी पड़ोसी देश- नेपाल से मंगाया जाने वाला शुल्क मुक्त खाद्य तेल शामिल नहीं है। नेपाल से सीमा सड़क मार्ग से खाद्य तेल मंगाया जाता है और साफ्टा संधि के तहत मिली छूट के कारण इस पर कोई सीमा शुल्क भी नहीं लगता है। ज्ञात हो कि भारत दुनिया में खाद्य तेलों का सबसे बड़ा आयातक देश है।
