कपास के रकबे में भारी गिरावट- रूई का भाव मजबूत
02-Jul-2026 07:34 PM
नई दिल्ली। देश के लगभग सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की बिजाई गत वर्ष से काफी पीछे चल रही है। इसके फलस्वरूप राष्ट्रीय स्तर पर इसका उत्पादन क्षेत्र इस बार 25 जून तक केरल 29.66 लाख हेक्टेयर पर पहुंच सका जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 45.36 लाख हेक्टेयर से 15.70 लाख हेक्टेयर कम रहा।
इसका रकबा महाराष्ट्र में 24.79 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 7.27 लाख हेक्टेयर तथा गुजरात में 14 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.84 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान में भी कपास के बिजाई क्षेत्र में भारी कमी आई है। कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी बिजाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है।
भारत में कपास के बिजाई क्षेत्र में आई भारी गिरावट को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव मजबूत होने लगा है जिसके असर से घरेलू बाजार में भी कीमतें सुधर रही हैं। भारत में रूई के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा 31 अक्टूबर तक है इसलिए टैक्सटाइल उद्योग एवं व्यापारी भारी मात्रा में विदेशों से इसका आयात कर रहे हैं।
