मूंगफली, सोयाबीन एवं तिल के उत्पादन क्षेत्र में भारी कमी

14-Jul-2026 01:05 PM

नई दिल्ली। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान मूंगफली, तिल एवं सोयाबीन की बिजाई काफी घटने से तिलहन फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 149.18 लाख हेक्टेयर से 21 प्रतिशत या 31.34 लाख हेक्टेयर घटकर 117.83 लाख हेक्टेयर पर अटक गया जो पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल से भी बहुत पीछे है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान मूंगफली का उत्पादन क्षेत्र 35.45 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर 23.40 लाख हेक्टेयर, सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 107.72 लाख हेक्टेयर से घटकर 90.51 लाख हेक्टेयर तथा तिल का रकबा 5.17 लाख हेक्टेयर से गिरकर 2.79 लाख हेक्टेयर पर आ गया लेकिन सूरजमुखी का क्षेत्रफल 53 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 86 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। नाइजरसीड एवं अरंडी सहित अन्य तिलहन फसलों की खेती अभी सीमित क्षेत्रफल में हुई है। 

2026 के खरीफ सीजन के लिए मूंगफली का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 46.79 लाख हेक्टेयर, सोयाबीन का 128.71 लाख हेक्टेयर, तिल का 12.88 लाख हेक्टेयर, अरंडी का 9.49 लाख हेक्टेयर, सूरजमुखी का 1.20 लाख हेक्टेयर तथा नाइजर सीड का 1.01 लाख हेक्टेयर नियत किया गया है। 

मूंगफली का रकबा राजस्थान में बढ़ा है मगर गुजरात सहित अन्य राज्यों में पीछे चल रहा है। जहां तक सोयाबीन की बात है तो इसके बिजाई क्षेत्र का सरकारी आंकड़ा सोपा के आंकड़े से काफी पीछे है। गुजरात में तिलहन फसलों की बिजाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है जबकि वह मूंगफली और अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।