News Capsule/न्यूज कैप्सूल: धान की बुवाई में 6.9 लाख हेक्टेयर की कमी, कमजोर मानसून और एल नीनो से उत्पादन पर बढ़ी चिंता
31-Jul-2026 05:42 PM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: धान की बुवाई में 6.9 लाख हेक्टेयर की कमी, कमजोर मानसून और एल नीनो से उत्पादन पर बढ़ी चिंता
★ 31 जुलाई 2026 तक देश में खरीफ धान की बुवाई 301.49 लाख हेक्टेयर रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 308.39 लाख हेक्टेयर थी। यानी इस वर्ष धान का रकबा 6.90 लाख हेक्टेयर कम है। कमजोर मानसून, सामान्य से कम वर्षा और एल नीनो की बढ़ती आशंकाओं के कारण कई राज्यों में बुवाई प्रभावित हुई है।
★ हालांकि कुछ क्षेत्रों में जुलाई के अंतिम सप्ताह में वर्षा में सुधार हुआ, लेकिन कई प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में शुरुआती बारिश की कमी के कारण बुवाई समय पर नहीं हो सकी। अब धीरे-धीरे बुवाई की समय-सीमा समाप्त हो रही है, जिससे रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना कम होती जा रही है।
★ मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए बाजार की नजर अब अगस्त की वर्षा और फसल की बढ़वार पर है। यदि आने वाले हफ्तों में वर्षा सामान्य नहीं रहती और एल नीनो का प्रभाव बढ़ता है, तो फसल की उत्पादकता प्रभावित हो सकती है।
★ हालांकि सरकार के पास चावल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति की कोई तत्काल चिंता नहीं है, फिर भी खुले बाजार में कीमतों पर इसका दबाव नहीं दिख रहा है। इसके विपरीत, कमजोर मानसून, एल नीनो की आशंकाओं और संभावित उत्पादन जोखिम के कारण चावल एवं धान के बाजार में मजबूती का माहौल बना हुआ है।
★ आई-ग्रेन इंडिया का मानना है कि यदि मौसम संबंधी जोखिम बने रहते हैं और उत्पादन प्रभावित होता है, तो पर्याप्त सरकारी स्टॉक के बावजूद बाजार की धारणा मजबूत रह सकती है। ऐसे में आने वाले महीनों में धान और चावल की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।
