News Capsule/न्यूज कैप्सूल: जीरा में सुधार के संकेत
28-Jan-2026 10:20 AM
News Capsule/न्यूज कैप्सूल: जीरा में सुधार के संकेत
★ लगभग दो साल की लंबी गिरावट के बाद जीरा बाजार में रिकवरी साफ दिखने लगी है। कम बुवाई, मजबूत घरेलू और निर्यात मांग तथा सीमित उपलब्धता के चलते भावों में सुधार आया है।
★ 2023 में जीरा ने रिकॉर्ड ऊंचाई ₹65,900 प्रति क्विंटल को छुआ था, लेकिन ज्यादा बुवाई और वैश्विक सप्लाई बढ़ने से 2025 में भाव गिरकर ₹18,520 तक आ गए। ऊंचे भाव के कारण भारत के साथ-साथ चीन में भी उत्पादन बढ़ गया था, जिससे बाजार पर दबाव बना।
★ अब चालू सीजन में हालात बदलते दिख रहे हैं। जीरा का रकबा करीब 12 प्रतिशत घटा है। गुजरात में बुवाई 16 प्रतिशत से ज्यादा और राजस्थान में करीब 10 प्रतिशत कम रही है। किसान MSP वाली फसलों जैसे चना, गेहूं और सरसों की ओर शिफ्ट हुए हैं। इससे उत्पादन घटकर 80–81 लाख बैग रहने का अनुमान है, जबकि खपत करीब 70 लाख बैग मानी जाती है।
★ स्टॉक भी सीमित है। किसानों के पास करीब 20 लाख बैग होने का अनुमान है, लेकिन बाजार में तुरंत बिकने लायक माल कम है। उधर शादी-ब्याह, त्योहारों और रमजान से पहले घरेलू मांग तेज हुई है। कमजोर रुपया और 5 प्रतिशत जीएसटी के कारण निर्यात मांग में भी सुधार देखा जा रहा है।
★ इसका असर NCDEX पर दिखा है, जहां नवंबर से जनवरी के बीच जीरा वायदा भाव करीब 21 प्रतिशत बढ़े और उतार-चढ़ाव भी तेज हुआ।
★ आगे फरवरी से अप्रैल के बीच नई आवक से कुछ नरमी आ सकती है, लेकिन जानकारों का मानना है कि गिरावट सीमित रहेगी। मौसम, देरी से कटाई और कम स्टॉक भावों को सहारा देंगे। अल्पकाल में जीरा के भाव 27,500–28,500 रुपये प्रति क्विंटल के दायरे में रह सकते हैं।
★ हालांकि नजर चीन की बुवाई और वैश्विक हालात पर बनी रहेगी। अगर चीन में उत्पादन तेजी से बढ़ा या पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा, तो आगे चलकर निर्यात मांग प्रभावित हो सकती है। कुल मिलाकर 2026 में जीरा के भाव 2024–25 से बेहतर रहने की संभावना है।
