News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चना बाजार में तेजी के मजबूत संकेत, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल से आयात महंगा होने की संभावना

31-Jul-2026 03:04 PM

News Capsule/न्यूज कैप्सूल: चना बाजार में तेजी के मजबूत संकेत, अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल से आयात महंगा होने की संभावना
★ अंतरराष्ट्रीय बाजार में देसी चने की कीमतों में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है। पिछले दो सप्ताह में ऑस्ट्रेलियाई देसी चने के निर्यात भाव विभिन्न गंतव्यों के लिए 25-30 डॉलर प्रति टन तक बढ़े हैं। यदि यही रुझान जारी रहता है तो भारत में आयातित चने की लागत भी बढ़ेगी, जिससे घरेलू बाजार को अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है।
★ इस वर्ष ऑस्ट्रेलिया में देसी चने का उत्पादन लगभग 14 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष यह 24 लाख टन से अधिक था। पिछले सीजन किसानों को अपेक्षित कीमतें नहीं मिलने के कारण उन्होंने इस बार चने का रकबा कम किया, जिसका असर उत्पादन पर पड़ने की संभावना है।
★ दूसरी ओर भारत में देसी चने की आवक लगातार घट रही है। बाजार की नजर अब सरकार की नीति पर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार पहले एल नीनो की स्थिति, खरीफ दलहनों की फसल और आगामी उत्पादन का आकलन करेगी, उसके बाद ही आयात शुल्क, स्टॉक सीमा या अन्य नीतिगत कदमों पर निर्णय ले सकती है।
★ उधर देश में जल्द ही त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है। इस दौरान मिठाई, नमकीन, स्नैक्स और बेसन उद्योग की मांग बढ़ना स्वाभाविक है, जिससे चने की खपत में भी तेजी आने की संभावना है।
★ इन सभी परिस्थितियों—अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतें, ऑस्ट्रेलिया में संभावित कम उत्पादन, भारत में घटती आवक, त्योहारी मांग और सरकार के सतर्क रुख—को देखते हुए चना बाजार का माहौल फिलहाल मजबूत दिखाई दे रहा है। यदि सरकार की ओर से कोई बड़ा राहतकारी कदम नहीं उठाया जाता, तो आने वाले समय में चने की कीमतों में और मजबूती देखने को मिल सकती है।