मक्का के बिजाई क्षेत्र में 8 लाख हेक्टेयर से अधिक की भारी गिरावट

27-Jul-2026 01:45 PM

नई दिल्ली। मोटे अनाज संवर्ग के सबसे प्रमुख सदस्य- मक्का की खेती में भारतीय किसानों की दिलचस्पी कम देखी जा रही है। पिछले साल की तुलना में चालू खरीफ सीजन के दौरान यद्यपि मध्य प्रदेश में इसके बिजाई क्षेत्र में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है

और बिहार तथा आंध्र प्रदेश में भी रकबा कुछ बढ़ा है लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में बिजाई कम होने से इसके कुल क्षेत्रफल में 8 लाख हेक्टेयर से अधिक की भारी गिरावट आ गई है। इसकी बिजाई की गति भी धीमी पड़ती जा रही है। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू खरीफ सीजन के दौरान 24 जुलाई तक देश भर में मक्का का कुल उत्पादन क्षेत्र 77.80 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो पिछले साल की इसी अवधि के बिजाई क्षेत्र 86.15 लाख हेक्टेयर से 8.35 लाख हेक्टेयर कम है।

इस बार मक्का का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 80.77 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि वास्तविक रकबा इसके काफी करीब पहुंच चुका है। लेकिन वर्ष 2025 के खरीफ सीजन में मक्का का बिजाई क्षेत्र अप्रत्याशित रूप से उछलकर नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था इसलिए चालू सीजन के रकबे का अंतर कुछ ज्यादा है।

मक्का का थोक मंडी भाव फिलहाल 2400 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य से काफी नीचे  चल रहा है जिससे किसानों का उत्साह एवं आकर्षण घट गया है। घरेलू मांग भी कमजोर बनी हुई है।

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