महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन गत सीजन से 10 लाख टन पीछे

23-Jan-2025 10:44 AM

पुणे । देश के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में कम संख्या में मिलों के सक्रिय होने तथा गन्ना की क्रशिंग घटने से चीनी के उत्पादन में गिरावट का रूख बना हुआ है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन 47.50 लाख टन के करीब ही पहुंचा है जो 2023-24 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 57.61 लाख टन से लगभग क्रियाशील थीं। इसके फलस्वरूप गन्ना की क्रशिंग में भी काफी कमी आ गई। 

उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 21 जनवरी 2025 तक महाराष्ट्र की मिलों में कुल 533.31 लाख टन गन्ना की क्रशिंग हुई जबकि वर्ष 2024 की इसी तिथि तक कशिंग की मात्रा 613.57 लाख टन दर्ज की गई थी।

इतना ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र में गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी गत वर्ष के 9.39 प्रतिशत से घटकर इस बार 8.91 प्रतिशत रह गई।

चीनी आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार पिछले सीजन की तुलना में चालू सीजन के दौरान महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन कम होने का प्रमुख कारण गन्ना क्रशिंग सीजन का देरी से आरंभ होगा, एथनॉल उत्पादन में चीनी का अधिक उपयोग किया जाना, चीनी की रिकवरी दर में कमी आना तथा क्रियाशील इकाइयों की संख्या कम रहना है। 

चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान महाराष्ट्र के पुणे संभाग में 11.46 लाख टन, कोल्हापुर संभाग में 13.67 लाख टन, सोलापुर डिवीजन में 7.11 लाख टन, अहमद नगर डिवीजन में 5.64 लाख टन, नांदेड संभाग में 5.50 लाख टन,

संभाजी नगर संभाग में 3.55 लाख टन, अमरावती डिवीजन में 49.70 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ जबकि नागपुर संभाग में भी तीन चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हो चुकी है।

2023-24 सीजन के मुकाबले 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान महाराष्ट्र में चीनी का कुल उत्पादन 10-15 लाख टन तक घटने की आशंका व्यक्त की जा रही है क्योंकि वहां मिलर्स द्वारा एथनॉल निर्माण में गन्ना का उपयोग बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।