खरीफ कालीन चावल की सरकारी खरीद के लक्ष्य में बढ़ोत्तरी

10-Feb-2026 04:33 PM

नई दिल्ली। धान की शानदार पैदावार एवं जोरदार आवक को देखते हुए केन्द्र सरकार ने 2025-26 के वर्तमान खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए चावल की खरीद का लक्ष्य 463.50 लाख टन से 14 लाख टन बढ़ाकर अब 477.50 लाख टन निर्धारित कर दिया है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) द्वारा चालू मार्केटिंग सीजन में अभी तक करीब 465 लाख टन चावल (इसके समतुल्य धान) की खरीद की जा चुकी है जो पूर्व में निर्धारित लक्ष्य से भी डेढ़ लाख टन ज्यादा है। इतना ही नहीं बल्कि चावल की अब तक हुई खरीद नए लक्ष्य के 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार तेलंगाना, हरियाणा एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में किसानों से धान की शानदार खरीद हुई और कुछ इलाकों में खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है जिससे चावल की कुल खरीद का लक्ष्य बढ़ाना आवश्यक हो गया।

खाद्य निगम के एक अधिकारी का कहना है कि केन्द्र सरकार ने आंध्र प्रदेश से अपग्रेटेड 10 प्रतिशत टूटे चावल की खरीद की नई स्कीम लागू की है जबकि पहले यह स्कीम कुछ दूसरे प्रांतों तक ही सीमित थी। 

पहले जो लक्ष्य नियत किया गया था उसमें आंध्र प्रदेश से प्राप्त होने वाले 14 लाख टन 10 प्रतिशत टूटे चावल के स्टॉक को शामिल नहीं किया गया था लेकिन अब सम्मिलित कर लिया गया है इसलिए कुल नियत लक्ष्य में 14 लाख टन का इजाफा हो गया।

ध्यान देने की बात है कि 2025-26 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन के लिए केन्द्र सरकार ने उन्नत क्वालिटी के 50 लाख टन ऐसे चावल की खरीद की स्कीम आरंभ की है जिसमें टूटे दाने का अंश 10 प्रतिशत से ज्यादा न हो। यह स्कीम 5 राज्यों में लागू की गई है। विगत वर्षों में भारतीय खाद्य निगम द्वारा केन्द्रीय पूल के लिए 25 प्रतिशत तक टूटे दाने वाले चावल के स्टॉक की खरीद की जा रही थी। 

इस स्कीम के अंतर्गत प्रथम चरण के दौरान 10 प्रतिशत टूटे चावल की सरकारी खरीद पांच राज्यों से करने का निर्णय लिया गया था। इसमें पंजाब से 20 लाख टन, आंध्र प्रदेश से 14 लाख टन, हरियाणा से 8 लाख टन, उड़ीसा से 5 लाख टन तथा छत्तीसगढ़ से 3 लाख टन चावल की खरीद का कोटा शामिल है। आंध्र प्रदेश में पहले 16 लाख टन चावल का कुल खरीद का लक्ष्य रखा गया था जिसे अब बढ़ाकर 30 लाख टन नियत किया गया है।