खरीफ फसलों का रकबा सामान्य औसत क्षेत्रफल के 96 प्रतिशत तक पहुंचा

28-Aug-2026 01:08 PM

नई दिल्ली। इस बार खरीफ फसलों का पंचवर्षीय औसत क्षेत्रफल 1104.46 लाख हेक्टेयर आंका गया है जबकि कुल उत्पादन क्षेत्र 21 अगस्त 2026 को इसके 96 प्रतिशत तक पहुंच गया था। पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान खरीफ फसलों के बिजाई क्षेत्र में कमी का अंतर भी घटकर मात्र 0.3 प्रतिशत रह गया। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि अल नीनो एवं कमजोर मानसून की आशंका से खरीफ फसलों के रकबे में पहले जो भारी गिरावट आने का अनुमान लगाया जा रहा था वह सही साबित नहीं हुआ। अधिकांश इलाकों में बिजाई की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है मगर छिटपुट बिजाई सितम्बर के दूसरे-तीसरे सप्ताह तक जारी रह सकती है। 

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 15-21 अगस्त वाले सप्ताह के दौरान देश में 40 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खरीफ फसलों की खेती हो गई जबकि गत वर्ष की इसी अवधि में 35 लाख हेक्टेयर में फसलों की बिजाई हुई थी। 7 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल रकबा गत वर्ष से करीब 2 प्रतिशत पीछे चल रहा था जो 21 अगस्त तक घटकर मात्र 0.3 प्रतिशत रह गया। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 21 अगस्त तक खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 1056.70 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 1072.77 लाख हेक्टेयर से 16.07 लाख हेक्टेयर कम रहा। इसके तहत खासकर धान, मूंग एवं मक्का के क्षेत्रफल में ज्यादा गिरावट आई। सोयाबीन का रकबा भी पीछे रह गया। इसी तरह अरंडी का क्षेत्रफल घटा है और रागी का रकबा भी पीछे हो गया है। कपास और गन्ना के उत्पादन क्षेत्र में कम गिरावट आई है। अन्य खरीफ फसलों का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष से आगे हो गया है।