कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में तुवर के बिजाई क्षेत्र में भारी गिरावट
23-Jul-2026 08:36 PM
नई दिल्ली। खरीफ सीजन के सबसे प्रमुख दलहन-अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र इस बार गत वर्ष से काफी पीछे चल रहा है क्योंकि तीन शीर्ष उत्पादक राज्य- कर्नाटक, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में इसकी बिजाई कम क्षेत्रफल में हुई है। हालांकि तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में तुवर का रखबा बढ़ा है मगर वह उसकी भरपाई करने में सक्षम नहीं है। यदि गुजरात एवं महाराष्ट्र में क्षेत्रफल कुछ सुधरता है तो भी तुवर का कुल उत्पादन क्षेत्र पिछले साल के स्तर तक पहुंचना मुश्किल लगता है।
पिछले साल की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान 17 जुलाई तक तुवर के उत्पादन क्षेत्र में 18 प्रतिशत की गिरावट आ चुकी थी। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक समीक्षाधीन अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर तुवर का उत्पादन क्षेत्र 30.17 लाख हेक्टेयर से घटकर 24.80 लाख हेक्टेयर रह गया। केन्द्र सरकार ने इस बार 50 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में तुवर की बिजाई का लक्ष्य नियत किया है ताकि इसका कुल उत्पादन 40 लाख टन के लक्ष्य तक पहुंच सके। लेकिन यह लक्ष्य काफी दूर प्रतीत होने लगा है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार तुवर का उत्पादन क्षेत्र 17 जुलाई तक महाराष्ट्र में 10.71 लाख हेक्टेयर से 10 प्रतिशत गिरकर 9.60 लाख हेक्टेयर, कर्नाटक में 11.25 लाख हेक्टेयर से 42 प्रतिशत लुढ़ककर 6.56 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 1.93 लाख हेक्टेयर से 37 प्रतिशत घटकर 1.34 लाख हेक्टेयर रह गया।
दूसरी ओर इसका रकबा उत्तर प्रदेश में 1.94 लाख हेक्टेयर से 30 प्रतिशत उछलकर 2.52 लाख हेक्टेयर, तेलंगाना में 1.32 लाख हेक्टेयर से 16 प्रतिशत बढ़कर 1.53 लाख हेक्टेयर तथा आंध्र प्रदेश में 49 हजार हेक्टेयर से दोगुने से ज्यादा उछलकर 1.08 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
