अगस्त में सीपीओ का वायदा भाव तेज होने की संभावना

23-Jul-2026 08:34 PM

कुआलालम्पुर। मलेशियन पाम ऑयल कौंसिल (एम्पोक) का मानना है कि अगले महीने यानी अगस्त 2026 में क्रूड पाम तेल (सीपीओ) का वायदा मूल्य बढ़कर 4400-4650 रिंगिट (104126.88 से 110043.18 रुपए) प्रति टन के बीच पहुंच सकता है क्योंकि जुलाई से इंडोनेशिया बी 50 प्रोग्राम लागू होने से बाजार को समर्थन मिलेगा। इसके अलावा अमरीका-ईरान के बीच भयंकर युद्ध जारी रहने से पेट्रोलियम का वैश्विक बाजार भाव तेज रहेगा। 

उल्लेखनीय है कि दुनिया में पाम तेल के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- इंडोनेशिया में बी 50 बायो डीजल प्रोग्राम आधिकारिक तौर पर 1 जुलाई से लागू हो गया। इसके तहत सभी जैव ईंधन निर्माण में 50 प्रतिशत पाम तेल का उपयोग करना अनिवार्य हो गया है। इससे वहां पाम तेल की घरेलू मांग एवं खपत में भारी बढ़ोत्तरी होगी जबकि पाम तेल के निर्यात योग्य स्टॉक में कमी आ जाएगी। 

ईरान-अमरीका युद्ध के कारण जुलाई के प्रथम पखवाड़े के दौरान डीजल के दाम में 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो गई जिससे वह पाम तेल एवं सोयाबीन तेल से अधिक महंगा हो गया। एम्पोक की रिपोर्ट के मुताबिक पाम तेल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल आने की संभावना नहीं है क्योंकि इससे मांग कमजोर पड़ जाएगी। प्रमुख खपतकर्ता देशों में वनस्पति तेलों का अच्छा खासा स्टॉक मौजूद है। पाम तेल का भाव ज्यादा बढ़ते ही भारत और चीन जैसे शीर्ष आयातक देश सोयाबीन तेल एवं सूरजमुखी तेल की खरीद को प्राथमिकता दे सकते हैं। 

निकट भविष्य में मलेशियाई पाम तेल की आपूर्ति-उपलधता की स्थिति सुगम रहने की संभावना है। मलेशियन पाम ऑयल बोर्ड (एम्पोब) के आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वर्ष की पहली छमाही में यानी जनवरी-जून 2026 के दौरान वहां सीपीओ का उत्पादन बेहतर रहा जिससे जून के अंत में पाम तेल का बकाया स्टॉक बढ़कर 25 लाख टन के करीब पहुंच गया। मई के मुकाबले जून में मलेशिया में सीपीओ का उत्पादन 8 प्रतिशत बढ़कर 16.30 लाख टन पर पहुंच गया लेकिन वह जून 2025 के उत्पादन से 3 प्रतिशत कम रहा।