कपास की कम बिजाई से रूई का आयात बढ़ने की संभावना
13-Jul-2026 07:53 PM
अहमदाबाद। प्रमुख उत्पादक राज्यों में कपास की बिजाई गत वर्ष से पीछे है जबकि केन्द्रीय कपड़ा मंत्रालय की अधीनस्थ एजेंसी- भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के पास रूई का स्टॉक घटता जा रहा है। मानसून और मौसम की हालत अनिश्चित रहने की संभावना है।
इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है। उत्तरी भारत के तीनों महत्वपूर्ण उत्पादक प्रांतों-राजस्थान, हरियाणा एवं पंजाब में कपास का रकबा घट गया है। गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में भी बिजाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। दक्षिण भारत में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक में बिजाई की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है जबकि उड़ीसा में स्थिति कुछ समय के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक विदेशों से रूई के आयात को सीमा शुल्क से मुक्त कर दिया है और इसके फलस्वरूप भारत में अमरीका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया तथा मिस्र सहित कुछ अन्य देशों से रूई का भारी आयात हो रहा है। आगे भी इसका सिलसिला जारी रहने की संभावना है। यदि कम बिजाई एवं अनिश्चित-अनियमित वर्षा के कारण कपास की पैदावार घटती है तो न केवल आयात में बढ़ोत्तरी हो सकती है बल्कि भारत से रूई के निर्यात में गिरावट भी आ सकती है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रूई का भाव मजबूत होने लगा है क्योंकि आगामी महीनों के दौरान चीन, भारत, बांग्ला देश एवं वियतनाम आदि में इसका आयात बढ़ने की उम्मीद है। कुछ महत्वपूर्ण निर्यातक देशों में भी रूई की पैदावार कम होने का अनुमान है क्योंकि वहां कपास का रकबा घटा है।
