केन्द्रीय पूल में 907 लाख टन से अधिक खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद

17-Aug-2026 05:53 PM

नई दिल्ली। खरीफ सीजन में धान तथा रबी सीजन गेहूं की भारी खरीद होने तथा पिछला बकाया स्टॉक भी ऊंचा रहने से केन्द्रीय पूल में अभी खाद्यान्न का विशाल भंडार मौजूद है। इससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में कोई कठिनाई नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर सरकार खाद्यान्न की आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों में संभावित तेजी पर अंकुश लगाने  के लिए घरेलू बाजार में प्रभावी ढंग से हस्तक्षेप करने में सक्षम हो जाएगी। 

अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास 1 अगस्त 2026 को 907.32 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक मौजूद था जो 1 जुलाई 2026 को उपलब्ध स्टॉक 925.85 लाख टन से 18.53 लाख टन कम लेकिन 1 अगस्त 2025 को मौजूद स्टॉक 726.33 लाख टन से करीब 1.81 लाख टन ज्यादा था। इससे पूर्व 1 अगस्त 2024 को केन्द्रीय पूल में महज 595.62 लाख टन खाद्यान्न का स्टॉक उपलब्ध था। 

1 अगस्त 2025 की तुलना में 1 अगस्त 2026 को केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक 346.61 लाख टन से उछलकर 505.31 लाख टन तथा चावल का स्टॉक 379.72 लाख टन से बढ़कर 402.01 लाख टन पर पहुंच गया। लेकिन जुलाई की तुलना में अगस्त के दौरान चावल का स्टॉक 403.11 लाख टन से फिसलकर 402.01 लाख टन और गेहूं का स्टॉक 522.74 लाख टन से घटकर 505.31 लाख टन रह गया। रबी कालीन धान की खरीद का सीजन अभी जारी है। राइस मिलर्स से खाद्य निगम को कस्टम मिलिंग चावल की नियमित आपूर्ति हो रही है। 

इसके अलावा खाद्य निगम के पास 1 अगस्त 2026 को 353.47 लाख टन धान तथा 9.58 लाख टन मोटे अनाज का स्टॉक भी उपलब्ध था।