गुजरात में खरीफ फसलों का क्षेत्रफल 76.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
17-Aug-2026 07:33 PM
गांधीनगर। मानसून की ओर वर्षा के कारण गुजरात में खरीफ फसलों की स्थिति में सुधार तो आया लेकिन फिर भी इसका रकबा गत वर्ष से कुछ पीछे चल रहा है। देश के इस पश्चिमी प्रान्त में खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 17 अगस्त 2026 तक 76.17 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो गत वर्ष की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 78.06 लाख हेक्टेयर से 1.89 लाख हेक्टेयर कम है। बिजाई की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
राज्य कृषि विभाग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार सात वर्ष की तुलना में मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान गुजरात में धान एवं मोटे अनाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 13.23 लाख हेक्टेयर से गिरकर 12.90 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत धान का उत्पादन क्षेत्र 8.70 लाख हेक्टेयर से गिरकर 8.42 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.63 लाख हेक्टेयर से घटकर 1.56 लाख हेक्टेयर तथा मक्का का रकबा 2.75 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.70 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि ज्वार का क्षेत्रफल 7 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया। इसी तरह दलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 6.98 से गिरकर 3.89 लाख हेक्टेयर रह गया। इसके तहत तुवर का बिजाई क्षेत्र 2.58 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 2.62 लाख हेक्टेयर तथा उड़द का क्षेत्रफल 76 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 88 हजार हेक्टेयर पर पहुंचा जबकि मूंग का रकबा 47 हजार हेक्टेयर से घटकर 29 हजार हेक्टेयर रह गया।
तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी 28.44 लाख हेक्टेयर से घटकर 27.41 लाख हेक्टेयर पर अटक गया। इसके तहत मूंगफली का रकबा 20.81 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 20.59 लाख हेक्टेयर, तिल का क्षेत्रफल 40 हजार हेक्टेयर से गिरकर 17 हजार हेक्टेयर तथा अरंडी का बिजाई क्षेत्र 4.48 लाख हेक्टेयर से घटकर 3.63 लाख हेक्टेयर रह गया लेकिन सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 75 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.02 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।
गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र तो 20.68 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 21.35 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर ग्वार का बिजाई क्षेत्र 68 हजार हेक्टेयर से घटकर 43 हजार हेक्टेयर पर आ गया।
