कनाडा में मसूर के उत्पादन में भारी गिरावट के संकेत

10-Sep-2026 04:34 PM

विनीपेग। पश्चिमी कनाडा के प्रेयरी संभाग में स्थित दो शीर्ष उत्पादक प्रांतों- सस्कैचवान एवं अल्बर्टा में इस वर्ष मौसम की हालत प्रतिकूल रहने से मसूर की उपज दर एवं पैदावार में गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं जबकि इसकी क्वालिटी भी प्रभावित होने की आशंका है। 

मसूर फसल की कटाई-तैयारी कनाडा में जारी है। शुरुआती रुझानों में इसकी औसत उपज दर 30 बुशेल प्रति एकड़ आंकी गई है जो सामान्य औसत से नीचे है। दरअसल मसूर के प्रमुख उत्पादक इलाकों में बसंत काल के दौरान अत्यन्त मूसलाधार बारिश हुई जबकि ग्रीष्मकाल में भयंकर गर्मी का प्रकोप देखा गया। इतना ही नहीं बल्कि फसल की कटाई-तैयारी के दौरान भी वहां बेमौसमी वर्षा होने से किसानों की कठिनाई बढ़ गई। इससे फसल को काफी क्षति होने की आशंका है। कटाई की गति धीमी देखी जा रही है। 

पिछले साल की तुलना में चालू वर्ष के दौरान कनाडा में लाल मसूर के उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत एवं हरी मसूर की पैदावार में 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। लेकिन हरी मसूर का भारी-भरकम पिछला बकाया स्टॉक मौजूद है इसलिए कुल उपलब्धता में ज्यादा कमी नहीं आएगी। इसकी कुल आपूर्ति 8 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16.60 लाख टन पर आने की संभावना है। लाल मसूर का स्टॉक करीब 12 प्रतिशत घटकर 20 लाख टन से नीचे आने का अनुमान है। छोटी हरी मसूर का स्टॉक बड़ी (मोटी) हरी मसूर से ज्यादा रहने की उम्मीद है।

मसूर की मांग फसल की कटाई पूरी होने का इंतजार नहीं कर रही है। भारत में जनवरी से ही प्रत्येक माह मसूर का आयात पंचवर्षीय औसत से ज्यादा हो रहा है। भारत में मार्केटिंग सीजन की पहली तिमाही में 3.91 लाख टन मसूर का रिकॉर्ड आयात हुआ जो गत वर्ष की समान अवधि के आयात की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा रहा। चूंकि मानसून की बारिश 13 प्रतिशत कम हुई है और तुवर के कुछ महत्वपूर्ण उत्पादक इलाकों में सूखे का प्रकोप देखा जा रहा है इसलिए वहां हरी मसूर का आयात बढ़ाने का प्रयास किया जा सकता है।