गन्ना का रकबा कम- फसल की प्रगति पर नजर
25-Aug-2026 02:25 PM
नई दिल्ली। चीनी की बढ़ती कीमतों पर घमासान मचा हुआ है और इसे नियंत्रित करने के लिए सरकार को भारी मशक्क्त करनी पड़ रही है इस बीच राष्ट्रीय स्तर पर गन्ना का बिजाई क्षेत्र गत वर्ष के 58.87 लाख हेक्टेयर से 43 हजार हेक्टेयर घटकर इस बार 58.44 लाख हेक्टेयर रह गया है। महाराष्ट्र एवं कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में कहीं-कहीं पर्याप्त बारिश नहीं होने से फसल को आंशिक क्षति होने की आशंका है। कुछ अन्य राज्यों में भी फसल की हालत उत्साहवर्धक नहीं बताई जा रही है। उत्तरप्रदेश में फसल पर गहरी नजर रखी जा रही है।
चीनी बाजार की विषम स्थिति को देखते हुए सरकार चाहती है कि तमाम मिलें 15 अक्टूबर से गन्ना की क्रशिंग आरम्भ कर दे लेकिन कुछ क्षेत्रो में इसके लिए व्यवहारिक कठिनाइयां उतपन्न हो सकती है उस समय तक यदि गन्ना पूरी तरह परिपक्व नहीं हो सका तो उससे चीनी की औसत रिकवरी दर में कमी आ सकती है इससे चीनी मिलों को आर्थिक नुकसान हो सकता है यह देखना भी दिलचस्प होगा कि एथनॉल निर्माण पर सरकार की कैसी नीति रहती है।
