गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा 2.48 लाख हेक्टेयर पीछे

25-Aug-2026 01:27 PM

गांधीनगर। देश के पश्चिमी भाग में अवस्थित एक महत्वपूर्ण कृषि उत्पादक राज्य गुजरात में यद्यपि हाल के सप्ताहों में खरीफ फसलों की बिजाई में अच्छी प्रगति हुई है लेकिन फिर भी 24 अगस्त 2026 तक इसका सकल उत्पादन क्षेत्र 78.55 लाख हेक्टेयर पर ही पहुंच सका जो गत वर्ष की समानअवधि के बिजाई क्षेत्र 81.03 लाख हेक्टेयर से 2.48 लाख हेक्टेयर कम है।

राज्य कृषि विभाग की नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार समीक्षाधीन अवधि के दौरान गुजरात में धान एवं मोटे नाजों का संयुक्त उत्पादन क्षेत्र 13.57 लाख हेक्टेयर से गिरकर 13.34 लाख हेक्टेयर, दलहनों का बिजाई क्षेत्र 4.14 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 4.01 लाख हेक्टेयर, तिलहनों का क्षेत्रफल 30.46 लाख हेक्टेयर से घटकर 28.57 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार सीड का रकबा 72 हजार हेक्टेयर से लुढ़ककर 48 हजार हेक्टेयर रह गया। दूसरी ओर कपास का क्षेत्रफल 20.72 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 21.41 लाख हेक्टेयर पर पहुंच गया।

इस अवधि में वहां धान का उत्पादन क्षेत्र 8.92 लाख हेक्टेयर से घटकर 8.80 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.72 लाख हेक्टेयर से गिरकर 1.60 लाख हेक्टेयर पर तथा मक्का का क्षेत्रफल 2.76 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.72 लाख हेक्टेयर रह गया जबकि ज्वार का रकबा 8 हजार हेक्टेयर से सुधरकर 14 हजार हेक्टेयर हो गया।

दलहन फसलों में अरहर (तुवर) का उत्पादन क्षेत्र 2.71 लाख हेक्टेयर के गत वर्ष के आकड़े के लगभग बराबर ही रहा जबकि उड़द का बिजाई क्षेत्र 78 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 90 हजार हेक्टेयर हो गया। लेकिन मूंग का क्षेत्रफल 48 हजार हेक्टेयर से घटकर 30 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।

इसी तरह तिलहन फसलों में सोयाबीन का उत्पादन क्षेत्र 2.77 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.03 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा मगर मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 21.89 लाख हेक्टेयर से घटकर 20.64 लाख हेक्टेयर, तिल का क्षेत्रफल 40 हजार हेक्टेयर से गिरकर 17 हजार हेक्टेयर और अरंडी का रकबा 5.39 लाख हेक्टेयर से घटकर 4.72 लाख हेक्टेयर रह गया। गुजरात मूंगफली, कपास एवं अरंडी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।