गेहूं बाजार में मंदी का रुख, बढ़ती आवक और कमजोर मांग से दबाव

25-Feb-2026 06:43 PM

बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ने और लिवाली के शांत पड़ने से आज गेहूं की कीमतों में मंदी का रुख देखने को मिला। व्यापारिक हलकों के अनुसार बाजार में खरीदारों की सक्रियता सीमित रही, जबकि स्टॉकिस्टों की ओर से लगातार बिकवाली किए जाने से भाव पर दबाव बना रहा। नई फसल की आवक शुरू होने के साथ ही बाजार की धारणा कमजोर होती नजर आ रही है, जिससे व्यापारियों में सतर्कता बढ़ गई है।

मध्य प्रदेश और गुजरात की प्रमुख उत्पादक मंडियों में नए गेहूं की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। जैसे-जैसे नई फसल बाजार में पहुंच रही है, वैसे-वैसे आपूर्ति में बढ़ोतरी हो रही है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है।

नई फसल की बढ़ती उपलब्धता को देखते हुए स्टॉकिस्टों ने भी अपने पुराने स्टॉक की बिकवाली तेज कर दी है, जिससे बाजार में सप्लाई का दबाव और बढ़ गया है तथा भावों में गिरावट दर्ज की जा रही है। दूसरी ओर, फ्लोर मिलर्स की मांग फिलहाल सीमित बनी हुई है। आटा मिलों द्वारा जरूरत के हिसाब से ही खरीदारी की जा रही है और बड़े स्तर पर लिवाली का अभाव देखा जा रहा है।

मिलर्स की कमजोर मांग के कारण बाजार को मजबूत सहारा नहीं मिल पा रहा है, जिससे कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि मिलर्स अभी ऊंचे भाव पर खरीद से बच रहे हैं और नई आवक का इंतजार कर रहे हैं।

फसल के मौजूदा हालात पर नजर डालें तो इस वर्ष गेहूं की बिजाई का रकबा बढ़ा हुआ बताया जा रहा है और अब तक मौसम भी फसल के अनुकूल बना हुआ है। अनुकूल मौसम, पर्याप्त नमी और बेहतर फसल स्थिति को देखते हुए चालू सीजन में गेहूं के उत्पादन में वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

बढ़ती आवक, स्टॉकिस्टों की तेज बिकवाली, मिलर्स की कमजोर मांग और उत्पादन बढ़ने की संभावना  को देखते हुए निकट अवधि में गेहूं की कीमतों में और गिरावट की संभावना व्यक्त की जा रही है। फ्लोर मिलर्स की मांग कमजोर बनी रहने से दिल्ली गेहूं की कीमतों में आज 50 रुपए प्रति क्विंटल मंदा दर्ज किया गया और इस मंदे के साथ लारेन्स रोड पर भाव 2600/2620 रुपए प्रति क्विंटल रह गए।