एथनॉल निर्माण में अतिरिक्त चीनी के इस्तेमाल से गन्ना किसानों को समय पर मिला भुगतान

12-Aug-2026 05:51 PM

नई दिल्ली। केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने कहा है कि एथनॉल निर्माण में अतिरिक्त चीनी (गन्ना अवयवों) का इस्तेमाल होने से न केवल चीनी का भाव स्थिर हुआ बल्कि किसानों को सही समय पर गन्ना मूल्य बकाए का भुगतान भी संभव हो सका।

केन्द्र सरकार प्रत्येक वर्ष गन्ना का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) निर्धारित करती है और चीनी मिलर्स को इसका भुगतान करना पड़ता है। गन्ना अवयवों का एथनॉल निर्माण में उपयोग चीनी के समतुल्य आंका जाता है। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2022-23 के मार्केटिंग सीजन में 43 लाख टन चीनी के समुत्लय गन्ना अवयवों का उपयोग एथनॉल निर्माण में किया गया। 2023-24 के सीजन में यह घटकर 24 लाख टन रह गया मगर 2024-25 के सीजन में बढ़कर 35 लाख टन पर पहुंच गया।

2025-26 के वर्तमान सीजन में 30 जून 2026 तक करीब 28 लाख टन चीनी का उपयोग एथनॉल निर्माण में हो चुका था। एथनॉल उत्पादन में मक्का का उपयोग तेजी से बढ़ा है। चालू सीजन में 30 जून तक इसकी मात्रा 67.90 लाख टन पर पहुंच चुकी थी।