चीन बना भारतीय ऑयल मील का सबसे बड़ा खरीदार
17-Mar-2026 07:56 PM
मुम्बई। दक्षिण कोरिया, बांग्ला देश थाईलैंड एवं वियतनाम जैसे देशों को पीछे छोड़कर चीन इस वर्ष भारतीय ऑयल मील सबसे बड़ा आयातक देश बन गया।
वहां भारत से मुख्यतः सरसों खल (रेपसीड एक्सट्रैक्शन) मंगाया गया। चीन की बदौलत ही भारतीय रेपसीड एक्सट्रैक्शन का निर्यात काफी हद तक संतोषजनक स्तर तक पहुंच सका लेकिन फिर भी गत वर्ष से कुछ पीछे रह गया।
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के 11 महीनों में भारत से चीन को केवल 38,240 टन ऑयल मील का निर्यात हुआ था जो अप्रैल 2025 से फरवरी 2026 के 11 महीनों में कई गुणा बढ़कर 7,79,016 टन पर पहुंच गया।
दूसरी ओर इसी अवधि के दौरान भारतीय डीओसी का निर्यात दक्षिण कोरिया में 6,14,545 टन से घटकर 3,36,222 टन बांग्ला देश में 6,89,380 टन से लुढ़ककर 3,46,118 टन, थाईलैंड में 4,13,172 टन से घटकर 2,40,223 टन,
वियतनाम में 2,21,245 टन से गिरकर 2,12,975 टन, जर्मनी में 1,81,709 टन से फिसलकर 1,78,741 टन तथा फ्रांस में 2,22,507 टन से गिरकर 1,39,807 टन रह गया।
इसके फलस्वरूप सम्पूर्ण 11 महीनों की अवधि में भारतीय ऑयल मील का कुल निर्यात 39,33,349 टन से 11 प्रतिशत घटकर 34,93,823 टन पर सिमट गया।
